Indore Bank Strike: 652 शाखाओं में कामकाज ठप, 4 हजार कर्मचारी हड़ताल पर
इंदौर। Indore Bank Strike का असर शुक्रवार को शहर की बैंकिंग सेवाओं पर दिखाई दिया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते इंदौर में बड़ी संख्या में बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा।
स्थानीय बैंक कर्मचारी संगठनों के अनुसार, इंदौर की 848 बैंक शाखाओं में से 652 शाखाओं में कामकाज बंद रहा। करीब 4,000 बैंककर्मियों के हड़ताल में शामिल होने का दावा किया गया है।
यूनियन के अनुसार, हड़ताल के कारण करीब ₹1,288 करोड़ का दैनिक बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ। हालांकि, ये इंदौर से जुड़े संगठन के बताए आंकड़े हैं।
Indore Bank Strike में 652 शाखाओं पर असर
सबसे पहले, हड़ताल का सीधा असर बैंक शाखाओं के सामान्य कामकाज पर पड़ा। कई शाखाओं में कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचे। इसके चलते काउंटर से जुड़े कई काम प्रभावित हुए।
UFBU ने देशभर में 11 सितंबर को एक दिन की हड़ताल का आह्वान किया है। संगठन की प्रमुख मांगों में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करना और PLI से जुड़े मुद्दों का समाधान शामिल है।
मध्यप्रदेश में भी हड़ताल का व्यापक असर बताया गया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में करीब 7,000 शाखाओं के 42,000 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। करीब ₹5,500 करोड़ का कारोबार प्रभावित होने की बात कही गई है।
Indore Bank Strike में बैंककर्मियों की रैली
वहीं, इंदौर में बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में रैली भी निकाली। स्थानीय जानकारी के अनुसार, रैली सांटा बाजार से SBI की ओर निकली।
रैली में बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान सरकार से लंबित मांगों पर जल्द फैसला लेने की मांग की गई।
बैंक यूनियन नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों ने लंबे समय से पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इस संबंध में पहले सहमति बन चुकी है।
5-Day Banking की मांग पर प्रदर्शन
इसके अलावा, बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है। UFBU के अनुसार, 8 मार्च 2024 के समझौते और संयुक्त नोट में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था का प्रस्ताव शामिल था।
यूनियन के मुताबिक, सोमवार से शुक्रवार तक काम के समय में प्रतिदिन 40 मिनट की बढ़ोतरी के जरिए पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू की जानी थी। संगठन का कहना है कि इस प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी का इंतजार है।
यूनियनों ने इसी मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाया है।
PLI को लेकर भी बैंक यूनियनों का विरोध
इसी बीच, बैंक यूनियनें Performance Linked Incentive यानी PLI से जुड़े बदलावों का भी विरोध कर रही हैं।
UFBU ने सरकार की PLI व्यवस्था को वापस लेने या यूनियनों के साथ द्विपक्षीय बातचीत के जरिए इसमें बदलाव करने की मांग की है। यूनियन का आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था में भेदभावपूर्ण प्रावधान हैं।
इसी मांग को लेकर भी शुक्रवार की हड़ताल में कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराया।
2024 की सहमति का बैंक यूनियनों ने दिया हवाला
साथ ही, बैंक यूनियन नेताओं ने 2024 में हुए समझौते का हवाला दिया। उनका कहना है कि पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था को लेकर सहमति बनने के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया।
यूनियन नेताओं के अनुसार, सरकार की मंजूरी नहीं मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी है। इसी वजह से आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
UFBU के आधिकारिक सर्कुलर में भी 2024 के समझौते का उल्लेख करते हुए पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग दोहराई गई है।
28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल
अब आगे, बैंक यूनियनों ने 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया है।
इससे सितंबर के आखिरी सप्ताह में बैंकिंग सेवाओं पर फिर असर पड़ सकता है। 26 सितंबर को चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार होने के कारण कुछ जगहों पर लगातार कई दिनों तक शाखा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
हालांकि, आगे की हड़ताल से पहले सरकार, IBA और यूनियनों के बीच बातचीत की स्थिति बदल सकती है।
26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
इसके बाद, UFBU ने 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। यह कदम मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में उठाने की बात कही गई है।
SBI ने भी अपने ग्राहकों को 11 सितंबर, 28–30 सितंबर और 26 अक्टूबर से प्रस्तावित हड़ताल के कारण सेवाओं पर संभावित असर की जानकारी दी है। बैंक ने साथ ही सामान्य कामकाज बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम करने की बात कही है।
बैंक ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
हालांकि, हड़ताल के दौरान डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह बंद होना जरूरी नहीं है। ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रह सकती हैं।
वहीं, शाखा से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं। इनमें कैश काउंटर, चेक प्रोसेसिंग, दस्तावेज जमा करना और कुछ KYC सेवाएं शामिल हो सकती हैं।
इसलिए जरूरी शाखा संबंधी काम करने वाले ग्राहकों को हड़ताल की तारीखों का ध्यान रखना चाहिए।
बैंक यूनियनों ने सरकार पर बढ़ाया दबाव
दूसरी ओर, बैंक कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर अब फैसला होना चाहिए। इसी वजह से पहले एक दिन की हड़ताल और फिर तीन दिन की हड़ताल का कार्यक्रम रखा गया है।
इसके बाद भी समाधान नहीं निकलने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
इंदौर में शुक्रवार की हड़ताल और रैली इसी राष्ट्रव्यापी आंदोलन का हिस्सा रही।
Outbound sources:
State Bank of India
United Commercial Bank Employees Union – UFBU circular

