मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MPMRCL) ने शुक्रवार को भोपाल और इंदौर मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया। Indore Metro fare discount के तहत 11 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक सिंगल-जर्नी टिकटों पर अतिरिक्त 25% छूट मिलेगी। त्योहारी सीजन को ध्यान में रखकर लाए गए इस ऑफर का फायदा दोनों शहरों के लाखों यात्रियों को मिलेगा।
छूट सिर्फ सिंगल-जर्नी टिकट तक सीमित नहीं रहेगी। रिटर्न-जर्नी पर मिलने वाली छूट 5% से बढ़कर कुल 30% हो जाएगी, जबकि ग्रुप टिकट पर छूट 10% से बढ़कर कुल 35% मिलेगी। सबसे बड़ा बदलाव ग्रुप टिकट की न्यूनतम संख्या में किया गया है — पहले कम से कम 8 यात्रियों का समूह जरूरी था, लेकिन अब सिर्फ 2 लोग मिलकर भी ग्रुप छूट का लाभ ले सकेंगे। इसलिए अब परिवार और कपल भी इस ऑफर का फायदा उठा पाएंगे।
हालांकि एक अपवाद भी रखा गया है। ₹20 के सिंगल-जर्नी टिकट पर यह अतिरिक्त 25% छूट लागू नहीं होगी। इसके अलावा MPMRCL ऐप से ई-वॉलेट रिचार्ज पर मिलने वाला 8-15% बोनस भी इस छूट के साथ जुड़ेगा, जिससे कुल फायदा अधिकतम करीब 44% तक पहुंच सकता है। निगम का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना भी इस ऑफर का मकसद है।
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Indore Metro fare discount के साथ Celebration on Wheels कोच बुकिंग
MPMRCL ने “Celebration on Wheels” नाम से कोच बुकिंग की सुविधा भी शुरू की है। इसके तहत ₹7,000 प्रति घंटे के किराए पर पूरा मेट्रो कोच बुक किया जा सकता है, साथ में ₹20,000 का रिफंडेबल डिपॉजिट देना होगा। एक इवेंट में अधिकतम 50 लोग शामिल हो सकेंगे। बुकिंग के लिए ₹100 के स्टांप पेपर पर indemnity bond देना अनिवार्य होगा और किसी भी नुकसान, अव्यवस्था या चोट की पूरी जिम्मेदारी आयोजक की होगी।
टिकट MPMRCL मोबाइल ऐप से बुक किए जा सकते हैं, जहां UPI, QR कोड और ई-वॉलेट के जरिए कैशलेस भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। निगम यात्रियों से अपील कर रहा है कि वे नकद के बजाय डिजिटल माध्यम अपनाएं, ताकि सफर तेज और सुविधाजनक हो।
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कम राइडरशिप बनी छूट की बड़ी वजह
इस ऑफर के पीछे की बड़ी वजह कम राइडरशिप मानी जा रही है। फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक पहले 30 दिनों में दोनों शहरों की मेट्रो में कुल करीब 75,000 यात्री यात्राएं हुईं, जिससे लगभग ₹30 लाख का राजस्व मिला — जबकि सिर्फ बिजली का खर्च ही ₹35 लाख से ज्यादा रहा। औसतन हर ट्रेन में सिर्फ 24 यात्री सफर कर रहे हैं, यानी क्षमता का महज 8% इस्तेमाल हो रहा है। इसलिए निगम छूट और कोच बुकिंग जैसे ऑफर देकर यात्रियों को मेट्रो की ओर खींचना चाहता है।
