अजब-गजबटॉप-न्यूज़मध्यप्रदेश

इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा की मदद से बुजुर्ग महिला को हार्ट से जुड़ी गंभीर बीमारी से मिली राहत, जनसुनवाई में दिया धन्यवाद

इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा की मदद से बुजुर्ग महिला को हार्ट से जुड़ी गंभीर बीमारी से मिली राहत, जनसुनवाई में दिया धन्यवाद

इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा लगातार बुजुर्ग और जरूरतमंदों की मदद के लिए अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में आज एक बुजुर्ग महिला जनसुनवाई में पहुंची और कलेक्टर से मिलकर उनका आभार व्यक्त किया। महिला ने बताया कि पिछली जनसुनवाई में उन्होंने कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात की थी और हार्ट से जुड़ी गंभीर बीमारियों और खून की कमी के कारण होने वाली सूजन के इलाज के लिए मदद मांगी थी।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने कराया अस्पताल में भर्ती और उचित इलाज

महिला के अनुसार, कलेक्टर शिवम वर्मा ने उनकी समस्या को गंभीरता से लिया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने और उचित इलाज कराने की पूरी व्यवस्था की। इसके बाद महिला अब पूरी तरह से स्वस्थ हो गई हैं। उन्होंने बताया कि कलेक्टर की मदद से उन्हें नया जीवनदान मिला और वे अपनी सेहत को लेकर अब पूरी तरह आश्वस्त हैं।

जनसुनवाई का महत्व और कलेक्टर का समर्पण

कलेक्टर शिवम वर्मा की पहल के तहत आयोजित जनसुनवाई में हर जरूरतमंद व्यक्ति अपनी समस्याएं सीधे कलेक्टर के सामने रख सकता है। यह प्रक्रिया न केवल नागरिकों की समस्याओं को सुलझाती है बल्कि सरकारी मदद को भी सीधे जरूरतमंद तक पहुंचाती है। इस महिला के मामले में यह साफ दिखा कि कलेक्टर ने व्यक्तिगत तौर पर उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान किया।

कलेक्टर का आश्वासन और भावी योजना

जनसुनवाई में मुलाकात के दौरान कलेक्टर शिवम ने महिला से लंबी बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि भविष्य में हर संभव मदद प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल लगातार जारी रहेगी ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर सहायता मिल सके। कलेक्टर की यह संवेदनशीलता और सक्रियता नागरिकों के बीच सकारात्मक संदेश फैलाती है।

नवजीवन और प्रेरणा का उदाहरण

इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि जनसुनवाई और प्रशासनिक सहयोग से कितने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। बुजुर्ग महिला का आभार व्यक्त करना और स्वास्थ्य लाभ पाना एक प्रेरक उदाहरण है कि कलेक्टर की पहल से नागरिकों को नया जीवनदान मिल रहा है

कलेक्टर शिवम वर्मा की यह पहल अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है। उनका उद्देश्य है कि हर जरूरतमंद व्यक्ति को न्याय और स्वास्थ्य सुविधा मिले, और इस दिशा में उनके प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

MORE NEWS>>>इंदौर में चूहों का आतंक बढ़ा, 2025 में दर्ज हुए 1250 रैट बाइट मामले, अस्पताल और शहर के पुल भी खतरे में

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close