दूषित पानी कांड पर कांग्रेस का पोस्टर वार, जीतू पटवारी ने 1-1 करोड़ मुआवजे और इस्तीफों की मांग की

इंदौर में दूषित पानी पीने से लगातार हो रही मौतों ने मध्य प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस गंभीर मामले को लेकर भाजपा और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इंदौर में तुरंत एक मजबूत, सक्षम और स्वतंत्र प्रभारी मंत्री की नियुक्ति की जाए, जिसे स्पष्ट अधिकार हों कि वह पूरे मामले की जवाबदेही तय कर सके और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे।
गुरुवार को राजधानी भोपाल में मीडिया से बातचीत करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि दूषित पानी पीने से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक न तो दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हुई और न ही जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर कोई सख्त कदम उठाया गया।
⚠️ “भाजपा ने शहर को जहरीला पानी दिया”
जीतू पटवारी ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह पूरी घटना भाजपा सरकार की घोर संवेदनहीनता और सत्ता के अहंकार को दर्शाती है। उन्होंने कहा,
“इंदौर की जनता ने भाजपा को सांसद, 9 विधायक, महापौर और पूरा नगर निगम सौंपा, लेकिन बदले में भाजपा ने शहर को जहरीला पानी और मौतें दीं।”
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि गंभीर अपराध है। इस मामले में लापरवाह अधिकारियों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए।

🏛️ महापौर पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने इंदौर के महापौर को भी इस पूरे मामले का जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि नगर निगम की विफलता ने इस त्रासदी को जन्म दिया और महापौर इस प्रशासनिक लापरवाही से बच नहीं सकते।
💰 1-1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से मांग की कि दूषित पानी से जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि कुछ लाख रुपये देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती, क्योंकि यह लोगों की जिंदगी का सवाल है।
📢 कांग्रेस का पोस्टर वार
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने इंदौर नगर निगम और भाजपा के खिलाफ सड़कों पर विरोध तेज कर दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम मुख्यालय, विभिन्न ज़ोन कार्यालयों, भागीरथपुरा और राजवाड़ा क्षेत्र में विरोध स्वरूप पोस्टर लगाए।
इन पोस्टरों में
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‘यमराज कमल छाप’,
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‘मौत का पानी, भाजपा शासित नगर निगम’
जैसे तीखे नारे लिखे गए हैं, जो सीधे तौर पर सरकार और नगर निगम पर हमला करते हैं।
🔥 सियासत और आक्रोश चरम पर
दूषित पानी से हो रही मौतों ने आम जनता में भी भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग जवाबदेही, सख्त कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। वहीं, इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव और तेज होता नजर आ रहा है।





