Indore Dahod Rail Line: काम ने पकड़ी रफ्तार

Dainik R Times
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इंदौर-दाहोद रेल लाइन का काम तेज, टीही-धार सेक्शन में बढ़ी रफ्तार

मध्य प्रदेश और गुजरात को जोड़ने वाली Indore Dahod Rail Line परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है। यह करीब 205 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन है।

परियोजना पूरी होने पर इंदौर से धार, झाबुआ होते हुए दाहोद तक रेल संपर्क मजबूत होगा। साथ ही, पीथमपुर जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र को भी नई रेल सुविधा मिलेगी।

Indore Dahod Rail Line में अभी क्या काम चल रहा है?

सबसे पहले, परियोजना के टीही-धार हिस्से पर काम तेजी से आगे बढ़ा है। जुलाई 2026 में इस सेक्शन की सिग्नलिंग का 95 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा होने की जानकारी सामने आई थी।

वहीं, टीही में 2,957 मीटर लंबी रेलवे सुरंग परियोजना का अहम हिस्सा है। जुलाई में रेलवे अधिकारियों ने इसके 90 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा होने की जानकारी दी थी।

इसके अलावा, सुरंग में ड्रेनेज और सुरक्षा व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है। रेलवे ने सुरंग में पब्लिक एड्रेस सिस्टम और SOS इमरजेंसी कम्युनिकेशन जैसी सुविधाएं लगाने की योजना बताई है।

इंदौर-धार ट्रेन कब शुरू हो सकती है?

इसके बाद, यात्रियों की नजर ट्रेन संचालन की तारीख पर है। पश्चिम रेलवे ने जुलाई में अक्टूबर से इंदौर-धार के बीच ट्रेन सेवा शुरू करने का लक्ष्य बताया था।

हालांकि, इसके लिए पहले जरूरी सुरक्षा निरीक्षण और मंजूरी पूरी होना जरूरी है। रेलवे की योजना के अनुसार, सुरंग का काम पूरा होने के बाद CRS निरीक्षण कराया जाना था।

इसलिए अक्टूबर को अभी लक्ष्य के रूप में देखना चाहिए। इसे अंतिम संचालन तारीख नहीं माना जा सकता।

पीथमपुर को मिलेगा बड़ा फायदा

साथ ही, यह रेल परियोजना पीथमपुर के लिए काफी महत्वपूर्ण है। पीथमपुर मध्य प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है।

नई रेल कनेक्टिविटी से माल परिवहन के विकल्प बढ़ सकते हैं। इससे उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

वहीं, पीथमपुर और धार के बीच रेल संपर्क स्थानीय यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। लंबे समय से इस क्षेत्र में नई रेल सेवा की मांग रही है।

धार और झाबुआ की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

इसके अलावा, परियोजना धार और झाबुआ जैसे क्षेत्रों को बड़े रेल नेटवर्क से जोड़ने में मदद करेगी। इन जिलों के कई हिस्से आदिवासी बहुल हैं।

नई रेल लाइन से लोगों की आवाजाही आसान हो सकती है। साथ ही, शिक्षा, रोजगार और व्यापार के लिए दूसरे शहरों तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है।

परियोजना के अलग-अलग हिस्सों में निर्माण कार्य की स्थिति अलग है। इसलिए पूरी लाइन के एक साथ शुरू होने के बजाय चरणबद्ध तरीके से प्रगति को देखना जरूरी है।

कितनी लंबी है इंदौर-दाहोद रेल परियोजना?

Indore Dahod Rail Line की लंबाई करीब 205 किलोमीटर है। परियोजना में इंदौर, राऊ, टीही, पीथमपुर, धार, झाबुआ और दाहोद सहित कई प्रमुख स्थान जुड़ेंगे।

उपलब्ध परियोजना विवरण में अलग-अलग हिस्सों के रूप में इंदौर-टीही, टीही-गुणावद, गुणावद-नौगांव और आगे धार, सरदारपुर तथा झाबुआ वाले सेक्शन शामिल हैं।

वहीं, परियोजना में कई नए स्टेशन और रेलवे ढांचे भी विकसित किए जा रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रेल नेटवर्क का विस्तार होगा।

सुरंग बनी परियोजना का अहम हिस्सा

इसी दौरान, टीही सुरंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह करीब 2,957 मीटर लंबी है और मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी रेलवे सुरंग के रूप में रिपोर्ट की गई है।

सुरंग के भीतर ट्रैक और दूसरी तकनीकी व्यवस्थाओं पर भी काम हुआ है। जनवरी 2026 की रिपोर्ट में सुरंग के अंदर ट्रैक बिछाने का काम पूरा होने और विद्युतीकरण तथा सिग्नलिंग पर काम जारी रहने की जानकारी दी गई थी।

इससे साफ है कि परियोजना अब केवल शुरुआती निर्माण चरण में नहीं है। कई हिस्से संचालन की तैयारी की ओर बढ़ रहे हैं।

इंदौर-दाहोद रेल लाइन से क्या बदलेगा?

अंततः, इस परियोजना का असर केवल यात्री सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। इससे औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी नया रेल विकल्प मिलेगा।

पीथमपुर को रेल नेटवर्क से जोड़ना इसका बड़ा फायदा माना जा रहा है। वहीं, धार और झाबुआ के लोगों के लिए भी कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

Indore Dahod Rail Line के पूरे होने से पश्चिमी मध्य प्रदेश और गुजरात के दाहोद क्षेत्र के बीच संपर्क मजबूत होगा। हालांकि, पूरी परियोजना के संचालन की तारीख अलग-अलग सेक्शन की प्रगति और जरूरी सुरक्षा मंजूरियों पर निर्भर करेगी।

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