इंदौर में खाद्य सुरक्षा की बड़ी कार्रवाई, 535 किलो घी-पनीर जब्त
Indore food safety raid में शहर के चार प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई हुई। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने संदिग्ध घी और पनीर का स्टॉक जब्त किया। कार्रवाई में 535 किलो से ज्यादा खाद्य पदार्थ जब्त किए गए।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर हुई। वहीं, कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में टीम ने प्रतिष्ठानों की जांच की। कार्रवाई के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए गए।
Indore Food Safety Raid में 4 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
सबसे पहले खाद्य सुरक्षा टीम ने सिंध डेयरी फार्म पर कार्रवाई की। यह प्रतिष्ठान मुराई मोहल्ले में स्थित है। टीम ने यहां 149 किलो घी और 103 किलो पनीर जब्त किया।
इस तरह कुल 252 किलो माल मौके से जब्त हुआ। इसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपये बताई गई है। साथ ही, प्रतिष्ठान के पास जरूरी लाइसेंस नहीं मिला।
इसके बाद प्रशासन ने निर्माण कार्य को तत्काल सील कर दिया। वहीं, टीम ने जब्त खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए लिए।
कहां कितना घी और पनीर जब्त हुआ?
इसके अलावा, नारायण इंटरप्राइजेज पर भी कार्रवाई हुई। यह प्रतिष्ठान पालदा क्षेत्र में स्थित है। यहां से किंग घी और राधा माधव घी के 255 किलो उत्पाद जब्त किए गए।
इन उत्पादों की कीमत करीब 1.53 लाख रुपये बताई गई है। इसी दौरान कमलेश ट्रेडर्स, सियागंज की भी जांच हुई।
वहां गुजरात के महीसागर ब्रांड का 28 किलो घी सील किया गया। इसके अलावा, रतलाम नमकीन कॉर्नर और आशुतोष हॉस्टल से भी खाद्य नमूने लिए गए।
Indore Food Safety Raid में 3 लाख से ज्यादा का माल
कार्रवाई में कुल 535 किलो से अधिक संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त हुए। इनकी कुल कीमत 3 लाख रुपये से ज्यादा बताई गई है।
हालांकि, जब्त सामग्री की गुणवत्ता पर अंतिम फैसला जांच रिपोर्ट के बाद होगा। सभी नमूने जांच के लिए भोपाल की लैब भेजे गए हैं।
रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग आगे की कार्रवाई तय करेगा। इसलिए अभी खाद्य पदार्थों को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
प्रशासन ने क्यों की कार्रवाई?
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों की जांच की। इसके दौरान घी और पनीर समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए।
साथ ही, टीम ने लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज भी जांचे। सिंध डेयरी फार्म में लाइसेंस नहीं मिलने पर निर्माण कार्य सील किया गया।
वहीं, अन्य प्रतिष्ठानों से जब्त सामग्री को जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
अब जांच रिपोर्ट पर नजर
फिलहाल, इस Indore food safety raid के बाद सभी नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार है। भोपाल लैब की जांच से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता स्पष्ट होगी।
इसके बाद विभाग संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ जरूरी कदम उठा सकता है। प्रशासन की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इंदौर में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी ऐसी कार्रवाई पर अब लोगों की नजर रहेगी। खासकर घी और पनीर जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों की जांच महत्वपूर्ण है।
नोट: जब्त खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट से जुड़ा अंतिम निष्कर्ष लैब रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।

