Indore Gauri Nagar Water Crisis: पानी टंकी नहीं भरने पर कांग्रेस का चक्काजाम

Dainik R Times
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Indore Gauri Nagar Water Crisis protest over water shortage and tanker dependency in Madhya Pradesh

Indore Gauri Nagar Water Crisis: पानी संकट को लेकर सड़क पर उतरे कांग्रेसी

इंदौर के गौरी नगर चौराहा पर सोमवार सुबह पानी संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। Indore Gauri Nagar Water Crisis के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम कर धरना शुरू कर दिया।

क्षेत्रीय पार्षद पति अमित पटेल का आरोप है कि गौरी नगर और वीणा नगर की पानी टंकी पिछले एक महीने से पूरी क्षमता तक नहीं भर रही। इसके चलते इलाके के हजारों रहवासियों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।

वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद हालात में सुधार नहीं हुआ। नतीजतन कांग्रेस नेताओं और रहवासियों ने सड़क पर उतरकर विरोध शुरू कर दिया।

गौरी नगर चौराहा पर सुबह से लगा जाम

सोमवार सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गौरी नगर चौराहा पर चक्काजाम किया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

धरने में पार्षद पति अमित पटेल के साथ कांग्रेस नेता राजू भदौरिया और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं प्रदर्शनकारियों ने जल विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सिर्फ आधे इलाके में हो रहा नर्मदा जलप्रदाय

स्थानीय रहवासियों के अनुसार गौरी नगर में केवल करीब 50 प्रतिशत हिस्से में ही नियमित नर्मदा जलप्रदाय हो पा रहा है। दूसरी ओर बाकी क्षेत्र अब भी टैंकरों पर निर्भर है।

हालांकि गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग भी लगातार बढ़ रही है। इसके चलते लोगों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं।

रहवासियों का कहना है कि कई बार देर रात तक पानी का इंतजार करना पड़ता है। वहीं कुछ इलाकों में रात 3 से 4 बजे तक टैंकरों से पानी बांटा जा रहा है।

टंकी सिर्फ दो से ढाई मीटर तक भरने का आरोप

प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि गौरी नगर और वीणा नगर की पानी टंकी पिछले महीनेभर से सिर्फ दो से ढाई मीटर तक ही भर रही है।

उनका कहना है कि इस मुद्दे को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से लगातार चर्चा हुई। हालांकि अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया।

इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप भी लगाया। फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

पानी संकट से बढ़ी स्थानीय लोगों की परेशानी

जलसंकट का असर अब रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं कई परिवारों को निजी टैंकर मंगाने पड़ रहे हैं। इससे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और बड़ा किया जा सकता है।

प्रशासन पर बढ़ा दबाव

धरना और चक्काजाम के बाद अब प्रशासन पर समाधान का दबाव बढ़ गया है। हालांकि अभी तक जल विभाग की ओर से कोई बड़ा अपडेट सामने नहीं आया है।

दूसरी ओर रहवासियों को उम्मीद है कि विरोध प्रदर्शन के बाद जल्द जलप्रदाय व्यवस्था में सुधार होगा। फिलहाल इलाके में पानी संकट को लेकर नाराजगी बनी हुई है।

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