Indore GBS Case: Dushit Pani Ke Baad 72 Din Tak Zindagi Se Ladti Rahi Parvati

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Indore GBS Case: Dushit Pani Ke Baad 72 Din Tak Ilaaj Ke Baad Parvati Ghar Lauti

Indore GBS Case: Dushit Pani Ke Baad 72 Din Tak Ilaaj Ke Baad Parvati Ghar Lauti

  1. Full Article

रिपोर्टर: स्टाफ रिपोर्टर
लोकेशन: इंदौर
तारीख: 3 अप्रैल 2026

Indore GBS Case से जुड़ी एक राहत भरी खबर सामने आई है। Indore GBS Case के तहत भागीरथपुरा क्षेत्र की 67 वर्षीय पार्वती कुंडल अब लंबे इलाज के बाद घर लौट आई हैं। दूषित पानी की वजह से बीमार होने के बाद उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी।

पार्वती कुंडल दुर्लभ गिलियन बैरे सिंड्रोम यानी GBS का शिकार हो गई थीं। इस बीमारी ने धीरे-धीरे उनके शरीर की नसों को प्रभावित करना शुरू कर दिया था। हालांकि 72 दिनों के इलाज के बाद अब उनकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।

दूषित पानी के बाद बिगड़ी हालत

कुछ महीने पहले इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की वजह से कई लोग बीमार हुए थे। इसी दौरान कई लोगों की संदिग्ध मौत के मामले भी सामने आए थे। पार्वती कुंडल भी उन्हीं लोगों में शामिल थीं।

शुरुआत में उन्हें उल्टी और दस्त की शिकायत हुई थी। इसके बाद परिवार ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि धीरे-धीरे उनकी हालत बिगड़ती गई।

  • भागीरथपुरा में दूषित पानी का मामला सामने आया था
  • कई लोग बीमार हुए थे
  • पार्वती को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई
  • बाद में उनकी हालत गंभीर हो गई

यह मामला बताता है कि दूषित पानी किस तरह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

Indore GBS Case: 72 दिन तक चला इलाज

परिवार के अनुसार पार्वती कुंडल को पहले Shalby Hospital में भर्ती कराया गया था। वहां हालत गंभीर होने पर उन्हें Bombay Hospital रेफर किया गया।

डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि वह गिलियन बैरे सिंड्रोम से प्रभावित हैं। इस बीमारी के कारण उनके शरीर में कमजोरी बढ़ती गई और हालत इतनी गंभीर हो गई कि उनके शरीर पर लकवे जैसा असर दिखने लगा।

हालांकि डॉक्टरों की लगातार निगरानी और लंबे इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार शुरू हुआ।

  • 16 दिन तक वेंटिलेटर पर रहीं
  • 22 दिन तक आईसीयू में भर्ती रहीं
  • कुल 72 दिनों तक इलाज चला
  • इलाज में लाखों रुपए खर्च हुए

फिलहाल उनकी हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है।

अब परिवार को पहचानने लगीं पार्वती

Indore GBS Case में सबसे बड़ी राहत यह है कि पार्वती अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रही हैं।

परिवार के लोगों का कहना है कि अब वह हाथ उठाने लगी हैं। इसके अलावा वह अपने करीबियों को पहचान भी रही हैं और जवाब देने की कोशिश कर रही हैं।

हालांकि उन्हें अभी भी पूरी तरह ठीक होने में समय लगेगा। डॉक्टरों ने उन्हें लगातार फिजियोथेरेपी और देखभाल की सलाह दी है।

GBS क्या होता है

Guillain-Barré Syndrome एक दुर्लभ बीमारी है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली नसों को प्रभावित करने लगती है।

इस बीमारी में हाथ-पैरों में कमजोरी, चलने में परेशानी और शरीर के कई हिस्सों में असर दिखाई दे सकता है। गंभीर मामलों में मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत भी पड़ सकती है।

  • GBS नसों को प्रभावित करता है
  • इससे शरीर में कमजोरी बढ़ती है
  • गंभीर स्थिति में लकवे जैसा असर हो सकता है
  • समय पर इलाज जरूरी होता है

फिलहाल डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से पार्वती की जान बचाई जा सकी।

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