इंदौर हाईकोर्ट का आदेश: 15 दिन में हटाएं बीआरटीएस की एक साइड की रेलिंग, ट्रैफिक सुधार के लिए बनाई समिति

DR Times
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📌 इंदौर हाईकोर्ट में बीआरटीएस मामले की सुनवाई

इंदौर शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और जनहित की चिंता को देखते हुए सोमवार को इंदौर हाईकोर्ट में बीआरटीएस (बुल्ट रैपिड ट्रांसिट सिस्टम) हटाने को लेकर सुनवाई हुई। सुनवाई में शहर के कलेक्टर और निगमायुक्त भी मौजूद रहे।

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस मामले में देरी को लेकर नाराजगी जताई और 15 दिन के भीतर बीआरटीएस की एक साइड की रेलिंग हटाकर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ट्रैफिक सुधार के कामों पर निगरानी रखना आवश्यक है।


🔹 हाईकोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी

कोर्ट ने शहर में ट्रैफिक सुधार और बीआरटीएस हटाने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए वकीलों की पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। इस कमेटी को ट्रैफिक सुधार और बीआरटीएस हटाने की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया है।

इस पहल का उद्देश्य शहर के बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करना और जनहित की याचिकाओं में तेज़ कार्रवाई सुनिश्चित करना है।


📌 सुनवाई के निर्देश

  1. बीआरटीएस की एक साइड की रेलिंग हटाएं – कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 15 दिन के भीतर रेलिंग हटाने का कार्य पूरा होना चाहिए।

  2. निगरानी के लिए कमेटी – वकीलों की पांच सदस्यीय कमेटी ट्रैफिक सुधार और बीआरटीएस हटाने की प्रगति पर नजर रखेगी।

  3. रिपोर्ट पेश करना – बीआरटीएस हटाने और ट्रैफिक सुधार पर रिपोर्ट अगली सुनवाई में अदालत को प्रस्तुत की जाएगी।

  4. अगली सुनवाई – अगली सुनवाई 16 दिसंबर को तय की गई है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि शहरवासियों की सुविधा और ट्रैफिक सुरक्षा सर्वोपरि है।


📌 बीआरटीएस हटाने की पृष्ठभूमि

इंदौर शहर में बीआरटीएस की एक तरफ रेलिंग होने के कारण सड़क संकरी और ट्रैफिक जाम बढ़ा हुआ था। कई नागरिकों और यातायात विशेषज्ञों ने कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग की।

हाईकोर्ट ने कहा कि बीआरटीएस हटाने की प्रक्रिया में हो रही देरी शहरवासियों की सुविधा और ट्रैफिक नियंत्रण में बाधा बन रही है। इसलिए अदालत ने 15 दिन में कार्रवाई करने का आदेश दिया।

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