इंदौर में लोकायुक्त पुलिस की जांच में एक हेड कांस्टेबल की अकूत संपत्ति का बड़ा खुलासा हुआ है। Indore Lokayukta की टीम ने पाया कि पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) इंदौर में ड्राइवर के पद पर तैनात 48 वर्षीय हेड कांस्टेबल फिरोज खान के नाम पर 46 अचल संपत्तियां दर्ज हैं। इनका मौजूदा बाजार मूल्य करीब 64 करोड़ रुपये आंका गया है।
जांच में सामने आया कि ये संपत्तियां खान, उसके परिवार, करीबी सहयोगियों और उनसे जुड़ी निजी कंपनियों के नाम पर खरीदी गई थीं। ये सभी संपत्तियां इंदौर और देवास जिलों में स्थित हैं। गाइडलाइन दर पर इनकी कीमत 17.19 करोड़ रुपये है। लेकिन बाजार भाव के हिसाब से यह रकम 64.01 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है।
सबसे चौंकाने वाली बात खान की आय को लेकर है। 24 साल की नौकरी में उनकी वैध आय मात्र 1.94 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें वेतन करीब 75 लाख रुपये है। यानी कमाई से कई गुना ज्यादा संपत्ति बनाई गई। जांच में यह भी पता चला कि उनकी पत्नी हिना खान और युवराज पंवार से जुड़ी एक कंपनी के जरिए जमीनें खरीदी गईं। इनमें रंगवासा, लसूडिया मोरी और देपालपुर तहसील की जमीनें शामिल हैं।
शिकायत से शुरू हुई थी जांच
यह मामला एक शिकायत से शुरू हुआ था। आरोप था कि खान ड्यूटी से अक्सर गैरहाजिर रहते थे। साथ ही वह इंदौर पुलिस की वर्दी का रौब दिखाकर विवादित संपत्तियों का कारोबार करते थे। इसी शिकायत पर लोकायुक्त ने 14 अक्टूबर को छापेमारी की थी।
सोमवार को डीएसपी सुनील तलान ने बताया कि छापों के बाद हुई जांच में संपत्तियों का यह नया आंकड़ा सामने आया है। खान और उनके करीबी सहयोगी रोशनी वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक लोकायुक्त की जांच अभी जारी है। संपत्तियों के दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
