आंध्र प्रदेश में शहरी निकाय चुनावों को लेकर YSR कांग्रेस पार्टी YSRCP Supreme Court पहुंच गई है। पार्टी ने सोमवार को शीर्ष अदालत में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि हिंसा और धमकी के कारण उसके उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर सके।
यह याचिका पार्टी महासचिव लेला अप्पी रेड्डी की ओर से दाखिल की गई है। इसमें कई मांगें रखी गई हैं। उम्मीदवारों को पुलिस सुरक्षा देने की मांग की गई है। नामांकन की समय-सीमा बढ़ाने की मांग भी इसमें शामिल है। इसके अलावा अतिरिक्त नामांकन केंद्र बनाने और उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित करने पर रोक लगाने की मांग की गई है।
यह याचिका 18 अक्टूबर के आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देती है। हाईकोर्ट ने नामांकन की समय-सीमा एक दिन बढ़ाने से इनकार कर दिया था। नामांकन की अवधि 16 से 18 अक्टूबर तक निर्धारित थी। YSRCP का कहना है कि उसके उम्मीदवारों को जबरन रोका गया।
किन घटनाओं का हवाला दिया
याचिका में पुंगानूर, रायचोटी और तिरुपति में हुई घटनाओं का जिक्र किया गया है। आरोप है कि कडपा में एक उम्मीदवार के नामांकन पत्र छीनकर फाड़ दिए गए। तिरुपति नगर निगम के 9 उम्मीदवारों को रिटर्निंग अधिकारियों के कार्यालयों में प्रवेश से रोका गया। सांसद पी.वी. मिथुन रेड्डी के काफिले पर हमले का आरोप भी लगाया गया है।
आंध्र प्रदेश में शहरी निकायों के चुनाव 28 अक्टूबर को होने हैं। YSRCP प्रमुख वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने सत्तारूढ़ TDP पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार अदालत इस याचिका पर जल्द सुनवाई कर सकती है। इस मामले पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।
बता दें कि आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने 18 अक्टूबर को YSRCP की एक दिन की मोहलत की मांग ठुकरा दी थी। अदालत का कहना था कि चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। अब इस लड़ाई का फैसला सुप्रीम कोर्ट करेगा।
