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इंदौर मदिरा दुकान ई-टेंडर: सरकार को मिला 448 करोड़ का ऑफर

Dainik R Times
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इंदौर मदिरा दुकान ई-टेंडर: 12 समूहों के लिए 448 करोड़ की बोली

इंदौर मदिरा दुकान ई-टेंडर प्रक्रिया में इस बार सरकार को बड़ा राजस्व प्रस्ताव मिला है। इंदौर मदिरा दुकान ई-टेंडर के तहत 2026–27 के लिए ई-टेंडर-कम-ऑक्शन की कार्रवाई 5 और 6 मार्च 2026 को पूरी की गई।

दरअसल पहले चरण के बैच-02 में कई समूहों के लिए ऑनलाइन बोली लगाई गई, जिसमें अपेक्षा से अधिक ऑफर सामने आए।


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बैच-02 में 12 समूहों के लिए हुई ई-टेंडर प्रक्रिया

जिला इंदौर में वर्ष 2026–27 के लिए मदिरा दुकानों के आवंटन हेतु ई-टेंडर-कम-ऑक्शन प्रक्रिया चलाई गई।

हालांकि इस चरण में कुल 19 समूह निर्धारित किए गए थे।

वहीं 5–6 मार्च को आयोजित प्रक्रिया में 12 समूहों के लिए ई-टेंडर संपन्न किए गए।

मुख्य बिंदु:

  • 19 समूह शामिल

  • 12 समूहों के लिए प्रक्रिया पूरी

  • ई-टेंडर-कम-ऑक्शन मॉडल अपनाया गया


325 करोड़ के आधार मूल्य पर शुरू हुई प्रक्रिया

इन समूहों का वर्ष 2025-26 का परिगणित वार्षिक आधार मूल्य 325.86 करोड़ रुपये तय किया गया था।

इसके अलावा वर्ष 2026-27 के लिए आरक्षित मूल्य 391.03 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया।

महत्वपूर्ण आंकड़े:

  • आधार मूल्य: ₹325.86 करोड़

  • आरक्षित मूल्य: ₹391.03 करोड़

  • प्रक्रिया: ई-टेंडर-कम-ऑक्शन


448.20 करोड़ का मिला सबसे ऊंचा ऑफर

ई-टेंडर और ऑक्शन के दौरान इन समूहों के लिए कुल 448.20 करोड़ रुपये का सर्वोच्च प्रस्ताव प्राप्त हुआ।

हालांकि यह पिछले वर्ष के आधार मूल्य से काफी अधिक है।

तुलना के अनुसार:

  • पिछले वर्ष से लगभग 37.54% अधिक

  • आरक्षित मूल्य से करीब 14.62% ज्यादा

अब सवाल यह है कि अगले चरणों में राजस्व कितना बढ़ सकता है।


प्रतिस्पर्धात्मक बोली से बढ़ा राजस्व

इस प्रक्रिया में विभिन्न समूहों पर प्रतिस्पर्धात्मक बोली देखने को मिली।

दरअसल कई बोलीदाताओं के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण ऑफर की राशि लगातार बढ़ती गई।

मुख्य परिणाम:

  • सरकार को अपेक्षा से अधिक राजस्व

  • प्रतिस्पर्धात्मक बोली का असर

  • ई-टेंडर प्रक्रिया सफल


स्रोत: Madhya Pradesh Excise Department

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