इंदौर के परदेशीपुरा इलाके में सड़क धंसने की एक और घटना सामने आई है। यह इलाका प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का गृह क्षेत्र माना जाता है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे उस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई। गनीमत रही कि घटना के समय वहां से कोई बड़ा वाहन नहीं गुजर रहा था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
तीन महीने में तीसरी घटना
बताया जा रहा है कि इंदौर में पिछले करीब तीन महीनों में सड़क धंसने की यह तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले गोराकुंड चौराहे के पास स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बनी करीब 40 करोड़ रुपये की सड़क धंस गई थी। उस घटना के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे थे और जांच की मांग की गई थी।
इसके अलावा पंढरीनाथ थाने के बाहर भी सड़क का बड़ा हिस्सा धंसकर करीब 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया था। लगातार हो रही इन घटनाओं ने इंदौर नगर निगम के कामकाज पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करके बनाई गई सड़कें कुछ ही समय में धंस रही हैं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था, दोनों पर संदेह पैदा हो रहा है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर होने का दावा करता है, लेकिन लगातार धंसती सड़कें इस छवि को धूमिल कर रही हैं। गोराकुंड के पास हुई घटना में तो नई पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान पानी के तेज दबाव से सड़क फट गई थी, जिसका वीडियो भी सामने आया था।
हालांकि नगर निगम की ओर से इस ताजा घटना पर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पहले की घटनाओं में निगम अधिकारियों ने तकनीकी कारणों का हवाला दिया था।
