राजीव गांधी जयंती पर इंदौर में सद्भावना दौड़, कांग्रेस ने दिया एकता का संदेश
इंदौर में राजीव गांधी जयंती के अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सद्भावना दौड़ आयोजित की। कांग्रेस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, दौड़ चोइथराम हॉस्पिटल से राजीव गांधी प्रतिमा तक निकाली गई।
इस दौरान कार्यकर्ता सफेद वस्त्रों में शामिल हुए। साथ ही, हाथों में राजीव गांधी के पोस्टर लेकर उन्होंने दौड़ में हिस्सा लिया।
Indore Sadbhavana Run में कौन-कौन हुए शामिल?
कांग्रेस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम का नेतृत्व इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने किया।
वहीं, मध्य प्रदेश राजीव विकास केंद्र के प्रदेश प्रवक्ता और पार्षद सादिक खान भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और युवाओं ने राजीव गांधी के योगदान को याद किया।
इसके अलावा, कार्यक्रम के दौरान एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया। कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर पहुंचकर सद्भावना से जुड़े संकल्प भी लिए।
राजीव गांधी जयंती पर क्या लिया संकल्प?
इसके बाद, राजीव गांधी प्रतिमा स्थल पर कांग्रेसजनों ने देश की एकता और भाईचारा बनाए रखने की शपथ ली। साथ ही, आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की अपील भी की गई। नेताओं ने राजीव गांधी के विचारों और उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़े योगदान का उल्लेख किया।
Indore Sadbhavana Run के दौरान कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी के नाम के नारे भी लगाए। कार्यक्रम का उद्देश्य सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देना बताया गया।
राजीव गांधी का युवाओं से जुड़ा योगदान
वहीं, कार्यक्रम में राजीव गांधी के कार्यकाल से जुड़े कई फैसलों का उल्लेख किया गया। इनमें युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने का फैसला प्रमुख है।
राजीव गांधी के नेतृत्व वाली सरकार ने मतदान की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष करने वाला 61वां संविधान संशोधन कराया। इससे युवाओं की बड़ी संख्या चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बनी।
यह बदलाव 1988 के संविधान संशोधन से जुड़ा था। बाद में इसे लागू किए जाने के साथ 18 वर्ष की उम्र में मतदान का अधिकार प्रभावी हुआ।
Computer और IT क्षेत्र में भी दिया जोर
साथ ही, राजीव गांधी के कार्यकाल को भारत में computer और technology के विस्तार से भी जोड़ा जाता है। सरकारी स्रोतों में उनके technology और computer revolution को बढ़ावा देने वाली पहल का उल्लेख मिलता है।
उनके कार्यकाल में स्वदेशी तकनीक और computing क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। C-DAC की स्थापना से जुड़ा सरकारी संदर्भ भी इसी तकनीकी दिशा को दर्शाता है।
इसलिए, कार्यक्रम में नेताओं ने युवाओं और तकनीकी विकास से जुड़े इन पहलुओं को भी याद किया।
कांग्रेस नेताओं ने क्या कहा?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवेंद्र सिंह यादव और सादिक खान ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और युवाओं से राजीव गांधी के बताए रास्ते पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि देश की एकता और भाईचारे को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है। साथ ही, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति युवाओं की भागीदारी जरूरी है।
इसके अलावा, नेताओं ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके योगदान को याद किया।
Indore Sadbhavana Run के जरिए कार्यक्रम में सद्भाव, एकता और सामाजिक भाईचारे का संदेश देने पर जोर रहा।
राजीव गांधी जयंती का क्या महत्व है?
राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था। उनकी जयंती पर हर साल सद्भावना दिवस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
सद्भावना दिवस का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और आपसी भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना है।
इंदौर का यह कार्यक्रम भी इसी संदेश के साथ आयोजित किया गया। चोइथराम हॉस्पिटल से राजीव गांधी प्रतिमा तक हुई दौड़ में कार्यकर्ताओं ने इसी भावना को सामने रखा।
राजीव गांधी के संसदीय प्रोफाइल में भी युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल करने के लिए मतदान उम्र 21 से 18 वर्ष करने वाले संवैधानिक बदलाव को उनके महत्वपूर्ण कदमों में गिना गया है।

