Indore School Food Check: 3 स्कूलों की जांच, 22 खाद्य नमूने, एक मेस बंद

Dainik R Times
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Indore School Food Check team collecting food samples from school mess

Indore School Food Check अभियान के तहत जिला प्रशासन ने गुरुवार को स्कूलों और छात्रावासों की मेस एवं कैंटीनों का विशेष निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश और कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में चलाए गए अभियान के दौरान तीन स्कूलों की जांच की गई। इस दौरान 22 खाद्य नमूने एकत्र किए गए। वहीं, अग्रवाल पब्लिक स्कूल की मेस बिना वैध खाद्य लाइसेंस मिलने पर तत्काल प्रभाव से बंद करा दी गई।

Indore School Food Check में अग्रवाल पब्लिक स्कूल पर कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने बिचौली मर्दाना रोड स्थित अग्रवाल पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान हॉस्टल मेस बिना वैध खाद्य लाइसेंस और पंजीयन के संचालित होती मिली।

इसके अलावा भोजन बनाने में उपयोग होने वाले पानी की NABL लैब रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी। वहीं, फूड हैंडलर्स के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत नहीं किए गए। निरीक्षण के दौरान चाकू और चॉपिंग बोर्ड बदलने के निर्देश भी दिए गए।

इन कमियों के चलते प्रशासन ने वैध लाइसेंस मिलने तक मेस की खाद्य गतिविधियां तत्काल प्रभाव से बंद करा दीं।

Indore School Food Check के दौरान 22 खाद्य नमूने लिए गए

निरीक्षण के दौरान अग्रवाल पब्लिक स्कूल से पोहा, चना दाल, तुअर दाल, आटा, काबुली चना, राजमा, काला नमक, आयोडाइज्ड नमक, रेड चिली सॉस, सोया सॉस, हल्दी पाउडर और धनिया पाउडर सहित 12 खाद्य नमूने लिए गए।

इसके बाद स्कीम नंबर-78 स्थित Vibgyor School की कैंटीन का निरीक्षण किया गया। यहां से चना दाल, मूंग दाल, बेसन, आटा और चावल के पांच नमूने जांच के लिए लिए गए।

इसी दौरान SICA Higher Secondary School की मेस की भी जांच की गई। यहां से छोला सब्जी, घी, तुअर दाल, चावल और सोयाबीन तेल सहित पांच नमूने संग्रहित किए गए।

इस तरह कुल 22 खाद्य नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

स्कूल प्रबंधन को दिए गए निर्देश

निरीक्षण के बाद सभी स्कूल प्रबंधन को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का पालन करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा वैध खाद्य लाइसेंस प्राप्त करने, फूड हैंडलर्स की नियमित मेडिकल जांच कराने और स्वच्छ पेयजल की NABL लैब से जांच कराने को कहा गया।

साथ ही खाद्य पदार्थों का सुरक्षित भंडारण और साफ-सफाई बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए।

जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बताया कि सभी नमूनों की जांच राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में की जाएगी।

यदि किसी नमूने में गुणवत्ता संबंधी कमी या मिलावट पाई जाती है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने क्या कहा?

कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि स्कूलों और छात्रावासों की मेस का नियमित निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा। जहां भी बिना लाइसेंस खाद्य गतिविधियां संचालित होती मिलेंगी या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन होगा, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने स्कूल संचालकों से वैध खाद्य लाइसेंस प्राप्त करने की अपील की। साथ ही अभिभावकों और आम नागरिकों से अनुरोध किया कि यदि किसी स्कूल या छात्रावास में खाद्य सुरक्षा संबंधी अनियमितता दिखाई दे तो उसकी सूचना कलेक्टर हेल्पलाइन 0731-181, CM हेल्पलाइन या FoSCoS Portal के माध्यम से दें।


https://www.fssai.gov.in

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