इंदौर में 23-24 अक्टूबर को सेमीकंडक्टर निवेशक सम्मेलन

Dainik R Times
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मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़ा दांव लगाने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली के यशोभूमि में चल रहे SEMICON India-2026 के दौरान घोषणा की कि 23 और 24 अक्टूबर को इंदौर में सेमीकंडक्टर निवेशक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

इस सम्मेलन में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के निवेशकों को प्रदेश की नीतियों, उपलब्ध संसाधनों और निवेश की संभावनाओं की जानकारी दी जाएगी। सरकार घरेलू कंपनियों के साथ-साथ वैश्विक निवेशकों को भी प्रदेश में सेमीकंडक्टर, चिप डिजाइन और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े प्रोजेक्ट लगाने के अवसरों से अवगत कराएगी।

वैश्विक कंपनियों से चर्चा

मुख्यमंत्री ने यशोभूमि में मध्य प्रदेश पैवेलियन का दौरा किया और देश-विदेश की कंपनियों के प्रतिनिधियों से निवेश, तकनीकी सहयोग और उद्योग विस्तार की संभावनाओं पर बातचीत की। पारस सेमीकंडक्टर्स, थॉमसन सेमीकंडक्टर्स, स्प्रिंटोनिक्स एआई, एनएक्सपी इंडिया और मार्वेल समेत कई कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

उन्होंने इंटरनेशनल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्रुप (ISIG) के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की। इसमें जापान की एक्रेटेक, कैनन और कैइजो, दक्षिण कोरिया की हनवा और जेनसेम तथा अमेरिका की मैकडरमिड अल्फा के प्रतिनिधि शामिल थे। मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश पैवेलियन में सेमीकंडक्टर लैब का भी उद्घाटन किया।

भोपाल-इंदौर बनेंगे केंद्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उभरते तकनीकी क्षेत्रों के लिए निवेश का अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। सेमीकंडक्टर विनिर्माण, चिप डिजाइन और इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रदेश की संभावनाओं को देखते हुए सरकार उद्योगों को जरूरी सहयोग और सुविधाएं दे रही है।

भोपाल और इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को इस क्षेत्र के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार का फोकस सिर्फ विनिर्माण तक सीमित नहीं है — चिप डिजाइन, कौशल विकास और तकनीकी सहयोग का पूरा पारिस्थितिकी तंत्र बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश की केंद्रीय स्थिति, बिजली अधिशेष का दर्जा, उपलब्ध भूमि बैंक और कुशल मानव संसाधन निवेशकों को आकर्षित करेंगे। इससे युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसर मिलेंगे।

SEMICON India-2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक यशोभूमि में हुआ, जिसमें 500 से अधिक प्रदर्शक और 40 से ज्यादा देशों की भागीदारी रही। इसका विषय “सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम” रहा।

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