Indore Smart City Road ₹40 करोड़ में धंसी, Pipeline Test में हादसा

Dainik R Times
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Indore Smart City Road ₹40 करोड़ में धंसी, Pipeline Test में हादसा

इंदौर में Indore Smart City Road का एक हिस्सा पाइपलाइन टेस्टिंग के दौरान अचानक धंस गया। घटना गोराकुंड रोड के पास हुई। नई 24 घंटे की जलापूर्ति पाइपलाइन का हाई-प्रेशर टेस्ट चल रहा था। इसी दौरान सड़क की सतह से तेज पानी बाहर आने लगा। पावरफुल पानी के बहाव से सड़क के paver blocks भी उखड़ गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। हालांकि, हादसे में किसी राहगीर के घायल होने की सूचना नहीं है।

Indore Smart City Road Pipeline Test में क्यों धंसी?

इसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। वीडियो में सड़क के बीच से पानी तेजी से निकलता दिख रहा है। कुछ ही समय में सड़क का हिस्सा टूट गया। आसपास मौजूद लोगों ने भी वाहनों को दूर करना शुरू कर दिया।

यह सड़क करीब तीन साल पहले Smart City Project के तहत बनाई गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, इस सड़क से जुड़े प्रोजेक्ट की लागत करीब ₹40 करोड़ बताई गई है। घटना के बाद सड़क की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

हालांकि, अभी तक किसी रिपोर्ट में निर्माण में भ्रष्टाचार साबित नहीं हुआ है। इसलिए घटना को सीधे भ्रष्टाचार से जोड़ना सही नहीं होगा। फिलहाल तकनीकी कारणों की जांच जरूरी है।

Indore Smart City Road पर पानी का दबाव कैसे बढ़ा?

वहीं, घटना नई 24 घंटे की जलापूर्ति पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान हुई। अधिकारियों ने पाइपलाइन में हाई-प्रेशर टेस्ट किया था। इसी दौरान सड़क के नीचे से पानी बाहर आया।

Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, पानी के तेज दबाव से सड़क की ऊपरी परत प्रभावित हुई। इसके चलते paver blocks अपनी जगह से हट गए। किसी commuter के घायल होने की सूचना नहीं है।

इसके अलावा, यह घटना इसलिए भी अहम है क्योंकि सड़क पर सामान्य यातायात चलता है। सड़क की मजबूती पर अब तकनीकी जांच की जरूरत होगी। खासकर बारिश और लगातार traffic के बीच इसकी structural condition देखना जरूरी है।

ISCDL ने Road Collapse पर क्या कहा?

इस बीच, Indore Smart City Development Limited यानी ISCDL ने घटना को लेकर अपना पक्ष रखा है। TOI के अनुसार, ISCDL ने बताया कि संबंधित करीब 150 मीटर का हिस्सा temporary motorable condition में रखा गया था।

ISCDL के मुताबिक, इस हिस्से का completion certificate अभी जारी नहीं हुआ था। साथ ही contractor को final payment भी जारी नहीं की गई थी। कंपनी के अनुसार, pipeline testing के दौरान पानी के अचानक release से सड़क की ऊपरी परत प्रभावित हुई। इसके बाद maintenance team ने मौके पर काम शुरू किया।

इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि सड़क का पूरा निर्माण ही खराब था। तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।

₹40 करोड़ की Road पर जांच की मांग

बाद में, नगर निगम के सूचना समिति अध्यक्ष और पार्षद राजेंद्र राठौर ने मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की। India Today के अनुसार, उन्होंने Smart City Project के अन्य कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

राठौर ने प्रधानमंत्री कार्यालय और संबंधित केंद्रीय तथा राज्य मंत्रियों को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि Smart City से जुड़े कई कामों की गुणवत्ता पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।

हालांकि, ये आरोप जनप्रतिनिधि के बयान पर आधारित हैं। इसलिए इनके साथ आधिकारिक जांच का निष्कर्ष जोड़ना अभी उचित नहीं होगा।

अब Road की Structural जांच क्यों जरूरी?

इसी दौरान सबसे जरूरी सवाल सड़क की मौजूदा मजबूती का है। पाइपलाइन टेस्ट के दौरान सड़क की सतह टूटने के बाद नीचे की संरचना की जांच जरूरी होगी।

विशेषज्ञ जांच में सड़क की sub-base, drainage और pipeline corridor की स्थिति देखी जा सकती है। इसके अलावा, पानी के रिसाव से आसपास की जमीन पर क्या असर पड़ा, यह भी देखना होगा।

साथ ही, नगर निगम और संबंधित एजेंसी को damaged portion की सुरक्षित मरम्मत करनी होगी। इसके बाद सड़क को सामान्य यातायात के लिए पूरी तरह सुरक्षित घोषित करना जरूरी होगा।

इस घटना का अंतिम कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर pipeline pressure testing और अचानक water release को घटना से जोड़ा गया है।

आधिकारिक जानकारी

Indore Smart City Development Limited की आधिकारिक वेबसाइट पर Smart City projects और संस्था से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है।

स्रोत: India Today, Times of India और Indore Smart City Development Limited से उपलब्ध जानकारी।

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