इंदौर टीएल बैठक: सीएम हेल्पलाइन समीक्षा, सख्त निर्देश

इंदौर टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर सख्ती, कलेक्टर के निर्देश
इंदौर टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाइन को लेकर सख्त संदेश दिया गया। इंदौर टीएल बैठक कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में सभी विभागों को समय सीमा में शिकायत निपटाने के निर्देश दिए गए।
दरअसल, इस समीक्षा बैठक में विकास कार्यों और जन शिकायतों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। वहीं अधिकारियों से स्पष्ट कहा गया कि लंबित प्रकरणों में देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
इंदौर टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाइन की विस्तृत समीक्षा
इंदौर टीएल बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। कलेक्टर शिवम वर्मा ने विभागवार समीक्षा की।
हालांकि कुछ विभागों ने बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन कई विभाग लक्ष्य से पीछे पाए गए। दूसरी ओर, अच्छा कार्य करने वाले विभागों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए।
बैठक में मौजूद प्रमुख विभाग:
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नगर निगम
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जिला पंचायत
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स्वास्थ्य विभाग
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एमपीआरडीसी
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अन्य जिला स्तरीय अधिकारी
एक स्पष्ट संदेश दिया गया।
समय सीमा में निराकरण अनिवार्य है।
डेटा के अनुसार कई शिकायतें तय समय से पहले हल हुईं।
विकास कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा
इंदौर टीएल बैठक में विकास कार्यों की गति पर भी समीक्षा हुई। कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचना चाहिए।
इसके अलावा विभागों को निर्देश दिया गया कि फील्ड मॉनिटरिंग मजबूत की जाए। वहीं अधिकारियों से नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
अब सवाल यह है कि क्या सभी विभाग तय समय सीमा का पालन कर पाएंगे। इसी बीच प्रशासन ने साफ किया कि अगली समीक्षा में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
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लंबित प्रकरणों की सूची तैयार होगी
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साप्ताहिक रिपोर्ट मांगी जाएगी
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प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन होगा
छोटा लेकिन सख्त संकेत दिया गया।
प्रशासन जवाबदेही तय करेगा।
सीएम हेल्पलाइन पर समयबद्ध समाधान प्राथमिकता है।
कलेक्टर शिवम वर्मा का बयान
इंदौर टीएल बैठक के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने मीडिया से चर्चा की। उन्होंने बताया कि सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
वहीं उन्होंने दोहराया कि सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण अनिवार्य है। जो विभाग अच्छा प्रदर्शन करेंगे, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा।
दूसरी ओर, जो विभाग पीछे रहेंगे, उन्हें कारण बताओ नोटिस भी दिया जा सकता है। इससे पहले भी जिला प्रशासन ने समयबद्ध समाधान को लेकर सख्त रुख अपनाया था।
इस मामले में विस्तृत अपडेट देखें…
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एक स्पष्ट उद्देश्य तय किया गया।
जनता को राहत मिलनी चाहिए।
सीएम हेल्पलाइन की प्रभावशीलता बढ़ाना लक्ष्य है।
आमजन को क्या मिलेगा लाभ
इंदौर टीएल बैठक का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ेगा। दरअसल, समय पर शिकायतों का समाधान होने से लोगों को कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे।
इसके अलावा पारदर्शिता भी बढ़ेगी। साथ ही जवाबदेही तय होने से कार्य संस्कृति में सुधार की उम्मीद है।
अब प्रशासन की अगली समीक्षा पर सबकी नजर रहेगी। यदि निर्देशों का पालन होता है, तो शिकायत निवारण प्रणाली और मजबूत होगी।





