जबलपुर के मझौली थाना क्षेत्र में गुरुवार तड़के दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन जुलूस में बड़ा हादसा हो गया। (Jabalpur electrocution accident) नवरात्रि के बाद मूर्ति विसर्जन के लिए जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली पर हाईटेंशन तार टूटकर गिर गया। इस हादसे में ट्रैक्टर पर बैठे दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग झुलस गए।
पुलिस के मुताबिक घटना गुरुवार रात करीब 12 बजकर 4 मिनट पर हुई। मझौली थाना क्षेत्र में 50 से ज्यादा लोग सिविल लाइन पाथ से नारिली तालाब की ओर मूर्ति विसर्जन के लिए जुलूस लेकर जा रहे थे। इसी दौरान एक लटकता हुआ बिजली का तार ट्रैक्टर-ट्रॉली के रास्ते में आ गया।
Jabalpur electrocution: डंडे से उठाया था तार, हाईटेंशन लाइन से छुआ
स्थानीय लोगों के अनुसार जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने ट्रैक्टर निकालने के लिए लटकते तार को डंडे से ऊपर उठाने की कोशिश की। इसी दौरान तार ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से छू गया। करंट लगते ही तार टूटा और सीधे ट्रैक्टर-ट्रॉली पर आ गिरा।
ट्रैक्टर पर बैठे विकास राजपूत (22) और प्रिंस चौहान (23) की मौके पर ही मौत हो गई। एसडीओपी मोहंती मारावी ने पीटीआई को बताया कि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। पंजाब न्यूज़ एक्सप्रेस के अनुसार मयंक राजपूत, विक्की रैकवार, मनीष राजपूत और आयुष रैकवार गंभीर रूप से झुलसे हैं। इन्हें मझौली स्वास्थ्य केंद्र से जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
पहले दी थी चेतावनी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने जुलूस से पहले हुई बैठक में पुलिस, प्रशासन और आयोजन समिति को लटकते बिजली तारों के बारे में बताया था। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। गुरुवार सुबह गुस्साए लोगों ने मझौली में सड़क जाम कर दी। बाद में एसडीओपी मारावी ने कहा कि यह प्रदर्शन नहीं, बल्कि बातचीत थी और मामला सुलझा लिया गया।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि घायलों को मझौली स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के बाद चिकित्सा सहायता में देरी हुई। उनका दावा है कि वहां पहले कोई चिकित्साकर्मी मौजूद नहीं था और डॉक्टर करीब आधे घंटे बाद पहुंचे।
केस दर्ज, जांच जारी
मझौली थाना प्रभारी पूर्वा चौरसिया अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और हादसे के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।
