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Jordan Church Attack: Karak में गोलीबारी, 7 की मौत, 34 घायल

Dainik R Times
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Jordan Church Attack ने शुक्रवार को पूरे मध्य पूर्व को हिला दिया। Jordan के Karak प्रांत के Hammoud गांव में एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च है। शुक्रवार को वहां अंतिम संस्कार के दौरान बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस हमले में 7 लोगों की मौत हो गई और 34 अन्य घायल हो गए। सरकार के बयान के मुताबिक हमला “अज्ञात हमलावरों” ने किया है। उनकी तलाश में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है।

जांच एजेंसियों के अनुसार हमलावर एक वाहन से अंतिम संस्कार जुलूस के पास पहुंचे। इसके बाद वे चर्च परिसर में घुसे और फायरिंग शुरू कर दी। राज्य के टीवी चैनल Al-Mamlaka पर प्रसारित CCTV फुटेज में तीन हमलावर दिख रहे हैं। दो के हाथ में पिस्तौल है और एक के पास सेमी-ऑटोमैटिक राइफल है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि गोलीबारी करीब पांच मिनट तक चली।

Jordan Church Attack की जांच और King Abdullah की चेतावनी

Jordan के सार्वजनिक सुरक्षा निदेशक मेजर जनरल Obeidallah Maaytah ने बताया कि 34 घायलों में से 27 का अभी इलाज चल रहा है। पहले मृतकों की संख्या 6 बताई गई थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 7 कर दिया गया। King Abdullah II ने X पर कहा कि Jordan “Karak को निशाना बनाने वाले आतंकी कृत्य” का सबसे कठोर दंड से सामना करेगा। उन्होंने लिखा कि “हम उन लोगों पर लोहे की मुट्ठी से प्रहार करेंगे” जो राष्ट्र को खतरे में डालने की हिम्मत करते हैं। शुक्रवार शाम King खुद Karak पहुंचे और पीड़ित परिवारों से संवेदना जताई।

सरकार ने कहा है कि “पूरी रफ्तार से जांच चल रही है।” प्रधानमंत्री Karak में सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि King ने इसे आतंकी हमला करार दिया है।

क्षेत्रीय निंदा और 2016 के Karak हमले की याद

Lebanon के राष्ट्रपति Joseph Aoun और Syria के विदेश मंत्रालय ने इस “आतंकी हमले” की कड़ी निंदा की है। Iraq के विदेश मंत्री Fuad Hussein ने Jordan के समकक्ष से फोन पर बात की। उन्होंने “आतंकवाद के खिलाफ Jordan के साथ एकजुटता” जताई। इसी शुक्रवार France के Paris के उपनगरों में भी गोलीबारी हुई थी। वहां एक बंदूकधारी की फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हुई और आतंकवाद-रोधी जांच शुरू हुई।

Jordan में ईसाई करीब 2 से 3 प्रतिशत हैं, फिर भी धार्मिक स्थलों पर हमले दुर्लभ हैं। हालांकि Karak के लिए यह पहला बड़ा हमला नहीं है। दिसंबर 2016 में बंदूकधारियों ने Karak में सुरक्षा चौकी, पुलिस गश्त और ऐतिहासिक Karak किले पर हमला कर दिया था। उस हमले में 10 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 7 सुरक्षाकर्मी और एक पर्यटक शामिल थे। लंबे गतिरोध के बाद चारों हमलावर मारे गए थे।

विशेषज्ञों का कहना है कि Jordan में ईसाई समाज में अच्छी तरह घुले-मिले हैं। इसलिए ऐसे हमलों का मकसद सामाजिक एकता तोड़ना और सुरक्षा तंत्र पर भरोसा हिलाना हो सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में हमलावरों की पहचान कब सामने आती है।

(Source: NDTV)

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