पेरिस। फ्रांस की राजधानी पेरिस के उपनगरों में शुक्रवार सुबह एक बंदूकधारी ने कार से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इसमें 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 5 अन्य घायल हो गए। Paris shooting की इस घटना के बाद फ्रांस के आतंक-रोधी अभियोजकों ने जांच अपने हाथ में ले ली है। नस्ली मकसद के पहलू की भी जांच की जा रही है।
यह घटना पेरिस के पश्चिम में इवलीन जिले के ट्राप और ला वेरिएर कस्बों में हुई। गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के मुताबिक हमलावर ने पेट्रोल पंप, एक मेडिकल सेंटर और बच्चों के खेल मैदान को निशाना बनाया। हमला करीब 15 मिनट तक चला।
12 साल की बच्ची को लगीं 8 गोलियां
हमले में मारे गए व्यक्ति की उम्र 26 साल बताई गई है। घायलों में 3 की हालत गंभीर है। इनमें 12 साल की एक बच्ची भी शामिल है। फ्रांसीसी मीडिया के मुताबिक बच्ची को 8 गोलियां लगी हैं। ट्राप के मेयर अली राबेह ने कहा कि बंदूकधारी “बेतरतीब फायरिंग कर रहा था। वह कत्लेआम करने के इरादे से आया था।”
Paris shooting की जांच आतंक-रोधी अभियोजकों के पास
फ्रांस के राष्ट्रीय आतंक-रोधी अभियोजक कार्यालय (PNAT) ने जांच शुरू कर दी है। आरोप है — “आतंकवादी उद्यम से जुड़ी हत्या”। इसमें पीड़ितों की नस्ल, जातीयता या धर्म के आधार पर निशाना बनाने की गंभीर धारा भी जोड़ी गई है। गृह मंत्री नुनेज ने कहा, “जांच जारी है, लेकिन यह स्पष्ट रूप से एक आतंकवादी अपराध है।”
संदिग्ध की पहचान 39 वर्षीय केविन टी. के रूप में हुई है। उसे पहली सूचना के करीब 15-16 मिनट बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उसका आपराधिक रिकॉर्ड तो है, लेकिन वह आतंकवाद के संदिग्धों की निगरानी सूची में नहीं था। पुलिस ने उसके प्लेजिर स्थित फ्लैट पर छापा मारा। वहां गैस सिलेंडरों से जुड़े बूबी ट्रैप मिले, जिन्हें बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया।
नस्ली मकसद की जांच, Macron ने जताया दुख
निर्वाचन क्षेत्र के सांसद लॉरेंट मजोरी के मुताबिक संदिग्ध ने पुलिस को बताया कि वह “विदेशियों को मारना” चाहता था। मेयर राबेह ने इसे “वस्तुतः एक नस्ली हमला, संभवतः इस्लामोफोबिक” बताया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मकसद की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि पूरा देश पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़ा है। लैंगिक समानता मंत्री ओरोर बर्गे ने कहा कि अगर नस्ली मकसद की पुष्टि होती है तो पूरा देश ट्राप और पीड़ितों के साथ खड़ा होगा।
यह घटना ऐसे वक्त हुई है जब फ्रांस शनिवार को महंगाई के खिलाफ प्रदर्शनों के लिए तैयार है। सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है.
