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खड़गे बोले- कर्नाटक CM बदलने पर हाईकमान का फैसला अंतिम, गृह मंत्री बोले- मैं दावेदार

DR Times
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राजनीतिक गलियारों में कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद को लेकर बवाल तेज हो गया है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्गज खड़गे ने स्पष्ट किया है कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने का फैसला पार्टी हाईकमान का अंतिम निर्णय होगा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब राज्य में सत्ता के समीकरण और सत्ता हस्तांतरण को लेकर कयास और चर्चा तेज हो गई है।

खड़गे ने कहा, “कांग्रेस में सभी प्रक्रियाएँ हाईकमान के निर्देशानुसार चलती हैं। मुख्यमंत्री पद पर किसी भी तरह का बदलाव या निर्णय पार्टी हाईकमान के निर्णय के बिना नहीं लिया जा सकता। हमारा राष्ट्रीय नेतृत्व इस मामले में अंतिम निर्णय लेने का हकदार है।” उनके इस बयान से यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी की केंद्रीय समिति या राज्य इकाई में कोई भी अकेला नेता निर्णय नहीं ले सकता।

वहीं, बीजेपी की ओर से इस बयान पर सवाल उठाए गए। बीजेपी नेताओं ने पूछा कि अगर राष्ट्रीय अध्यक्ष हाईकमान नहीं हैं तो फिर असली निर्णय लेने वाला कौन है। राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि यह सवाल सीधे तौर पर कांग्रेस के अंदरूनी फैसलों और निर्णय प्रक्रिया पर जनता के बीच संदेह डालने की रणनीति का हिस्सा है।

इस बीच, गृह मंत्री ने भी इस राजनीतिक पेंच में अपने दावेदारी की तरफ इशारा किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “मैं मुख्यमंत्री पद का दावेदार हूं और पार्टी अगर मेरी योग्यता और अनुभव को देखे तो यह निर्णय मेरे पक्ष में भी जा सकता है।” इस बयान से कर्नाटक की राजनीति में नया ट्विस्ट आ गया है और राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने का मुद्दा केवल राजनीतिक सत्ता की बात नहीं है। यह राज्य की आगामी विधानसभा चुनाव रणनीति और पार्टी की छवि सुधारने की योजना से भी जुड़ा हुआ है। खड़गे का बयान और गृह मंत्री की दावेदारी दोनों ही इस बात को उजागर करते हैं कि राज्य में सत्ता संतुलन और नेतृत्व पर गहरी नजर रखी जा रही है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, पार्टी हाईकमान की अंतिम मंजूरी के बिना किसी भी बदलाव की संभावना नहीं है। इससे पहले भी कई बार देखा गया है कि राज्य इकाइयों में मुख्यमंत्री पद के लिए अटकलें और दावेदारी आती रही हैं, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा लिया गया।

राजनीतिक हलचल के बीच यह भी माना जा रहा है कि गृह मंत्री की दावेदारी से पार्टी हाईकमान पर दबाव भी बन सकता है। कर्नाटक के अंदरूनी राजनीतिक समीकरण और मतभेद अब सार्वजनिक हो गए हैं, और पार्टी को संतुलित निर्णय लेने में सावधानी बरतनी होगी।

कुल मिलाकर, कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद पर सियासी ड्रामा और हाईकमान की अंतिम मंजूरी के इर्द-गिर्द चर्चा जारी है। खड़गे ने यह स्पष्ट किया कि किसी भी तरह का निर्णय केवल हाईकमान की अनुमति से ही होगा, वहीं गृह मंत्री ने अपनी दावेदारी की तरफ इशारा किया है। अब यह देखना बाकी है कि पार्टी हाईकमान किस दिशा में निर्णय लेती है और राज्य में राजनीतिक संतुलन किस तरह स्थापित होता है।

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