उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी: हिसार में 7.4°C, बद्रीनाथ में माइनस 16°C, बिहार में और गिरावट की संभावना

DR Times
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उत्तर भारत में सर्दी की शुरुआत हो गई है और लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा के हिसार में रविवार को न्यूनतम तापमान 7.4°C दर्ज किया गया, जो इस समय का सबसे ठंडा रिकॉर्ड है। राज्य में कुल 11 शहरों का तापमान 10°C से कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार, हिसार में रात का पारा सामान्य से लगभग 3.4 डिग्री नीचे गया है, जिससे स्थानीय लोगों को कड़ाके की ठंड महसूस हुई।

हरियाणा के अलावा, उत्तर प्रदेश और पंजाब के कुछ हिस्सों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं ने रात के तापमान को और कम कर दिया है। वहीं, मध्य प्रदेश और राजस्थान में इस समय लोगों को सर्दी से थोड़ी राहत मिली है। इन राज्यों के ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 10°C से ऊपर दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने इन राज्यों में अगले चार-पांच दिनों के लिए शीतलहर का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है।

उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में स्थिति और भी गंभीर है। रविवार को यहां तापमान माइनस 16°C तक पहुंच गया। इंद्रधारा झरने का पानी जम गया है और ठंडी हवाओं के चलते पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सर्दी की तीव्रता का अनुभव हुआ। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और भारी ठंड के कारण आने-जाने वाले यात्रियों के लिए चेतावनी जारी की गई है।

बिहार में भी ठंड धीरे-धीरे बढ़ रही है। पटना, खगड़िया, गोपालगंज, सारण, बेगूसराय समेत कई जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सड़क और रेल परिवहन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 2 से 3 दिनों में बिहार के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे सर्दी और बढ़ेगी, और लोगों को सुबह-शाम बेहद ठंड का सामना करना पड़ सकता है।

बीते 24 घंटे में राज्य का सबसे कम तापमान किशनगंज में 12.3°C दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, ठंडी हवाओं और कोहरे की वजह से सुबह और रात के समय विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। बुजुर्गों, बच्चों और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों वाले लोगों को ज्यादा ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।

मौसम विभाग ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे गर्म कपड़े पहनें, वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और जरूरी होने पर ही बाहर निकलें। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और हिमस्खलन का खतरा बढ़ा हुआ है। इसके अलावा, तापमान में गिरावट के कारण किसानों को भी सावधान रहने और फसलों की सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, उत्तर भारत में इस सर्दी का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है। हिसार, बद्रीनाथ और बिहार जैसे हिस्सों में तापमान में गिरावट जारी रहेगी। लोग सर्दी की वजह से सड़क, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन में होने वाली असुविधाओं के लिए तैयार रहें।

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