शनिवार तड़के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बड़ा सड़क हादसा हुआ। कोटा जिले के सिमलिया थाना क्षेत्र में खाटू श्याम जा रही एक मिनी बस अनियंत्रित होकर करीब 15 फीट गहरे नाले में जा गिरी। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से 17 यात्री घायल हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, बस में सवार सभी यात्री मध्य प्रदेश के भोपाल और बैतूल जिलों के रहने वाले थे। ये सभी एक ही विस्तारित परिवार के सदस्य थे और शुक्रवार शाम करीब 7 बजे भोपाल से खाटू श्याम जी मंदिर (सीकर, राजस्थान) के दर्शन के लिए निकले थे। यह यात्रा 4 से 5 दिन की तीर्थ यात्रा का हिस्सा थी।
ड्राइवर को लगी झपकी, रेलिंग तोड़कर नाले में गिरी बस
शुरुआती जांच में सामने आया है कि सुबह करीब 6 बजे पोल नंबर 384 के पास ड्राइवर को झपकी लग गई, जिससे बस 8-लेन एक्सप्रेसवे से उतरकर सड़क किनारे की रेलिंग तोड़ती हुई नाले में जा गिरी। हालांकि दुर्घटना के सही कारणों की जांच अभी जारी है।
हादसे के समय बस में करीब 23 से 27 यात्री सवार थे और ज्यादातर सो रहे थे। नाले में कीचड़ और पानी भरा होने से राहत कार्य में दिक्कत आई। स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और यात्रियों की मदद की। बाद में क्रेन मंगाकर क्षतिग्रस्त बस को बाहर निकाला गया और फंसे हुए लोगों को बचाया गया।
अस्पताल में भर्ती घायल, कलेक्टर ने लिया जायजा
घायलों को कोटा के एमबीएस अस्पताल और न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को आईसीयू में रखा गया है और उनका इलाज जारी है। कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष समारिया और आईजी हरेंद्र महावर अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज का जायजा लिया। पुलिस मृतकों के परिजनों से संपर्क कर रही है।
मृतकों में 5 महिलाएं शामिल हैं। हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर लंबी दूरी की रात की बस यात्राओं में ड्राइवरों की थकान और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
