नव वर्ष पर महाकाल के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, 7 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने एक सप्ताह में किए दर्शन

उज्जैन। नव वर्ष के आगमन की बेला पर विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। बाबा महाकाल के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं। मंदिर समिति के अनुसार 25 से 31 दिसंबर के बीच 7 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए हैं। श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने से उज्जैन पूरी तरह आस्था के रंग में रंगा नजर आ रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। बाहर से आने वाले भक्तों के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में पार्किंग व्यवस्था की गई है, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। इसके अलावा हरसिद्धि मंदिर से चार धाम और बड़ा गणपति क्षेत्र में लड्डू प्रसाद काउंटर, 250 रुपये की शीघ्र दर्शन टिकट, जूता-चप्पल स्टैंड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
भीड़ अधिक होने की स्थिति में श्रद्धालुओं को त्रिवेणी संग्रहालय और चार धाम क्षेत्र से मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। वर्तमान में श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल के दर्शन के लिए करीब ढाई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है, लेकिन भक्तों की आस्था के आगे यह दूरी भी छोटी लग रही है।
श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को देखते हुए मंदिर समिति ने वीआईपी और वीवीआईपी दर्शन व्यवस्था को 5 जनवरी तक पूर्ण रूप से बंद कर दिया है। साथ ही, इसी अवधि तक ऑनलाइन भस्म आरती बुकिंग की सुविधा भी स्थगित कर दी गई है। प्रशासन का मानना है कि इससे सामान्य श्रद्धालुओं को समान अवसर मिल सकेगा और भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इन दिनों उज्जैन में प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आम दिनों में जहां रोजाना लगभग 6 हजार चार पहिया वाहन शहर में प्रवेश करते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 12 हजार तक पहुंच गई है। इसी वजह से जाम की स्थिति से बचने के लिए इस बार उज्जैन पुलिस ने हाईटेक क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है।
पहली बार उज्जैन पुलिस ने गूगल मैप टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की है। पुलिस ने गूगल मैप के जरिए हैवी ट्रैफिक वाले रूट्स को ब्लॉक कर मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों को डायवर्ट किया है। इसके लिए गुरुग्राम की एक आईटी कंपनी, साइबर टीम और पुलिस के 10 सदस्यों की संयुक्त टीम ने गूगल के एल्गोरिदम में तकनीकी बदलाव किए हैं।
प्रशासन का दावा है कि इस नई व्यवस्था से न केवल ट्रैफिक कंट्रोल हो रहा है, बल्कि श्रद्धालुओं को भी सुगम और सुरक्षित दर्शन का अनुभव मिल रहा है। नए साल के अवसर पर महाकाल की नगरी उज्जैन पूरी तरह भक्ति, व्यवस्था और तकनीक के अनूठे संगम का उदाहरण बन गई है।





