मणिपुर में सेनापति में शव मिलने के बाद कांगपोकपी जिले में विरोध भड़क उठा है। दोनों युवक 28 अक्टूबर की शाम से लापता थे। पुलिस ने उनके शव रविवार सुबह सेनापति जिले के एक केले के बागान से बरामद किए। शव बोरे में बंद मिले थे।
मृतकों की पहचान टी चोंगलोई (21) और पाओगिनलाल हैंगसिंग (20) के रूप में हुई है। दोनों तापहौ कुकी गांव के रहने वाले थे। वे 28 अक्टूबर को मारेनमेई गांव के पास से लापता हुए थे। परिवार ने उसी दिन गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
सेनापति में शव कैसे मिले
पुलिस, सीआरपीएफ और असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने कई दिनों तक तलाशी चलाई। कोबरा और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान भी अभियान में शामिल थे। टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के पूर्वी हिस्से में एसपी रोड के पास शव खोजे। इसके बाद शवों को कांगपोकपी जिला अस्पताल ले जाया गया।
शव मिलने की खबर फैलते ही कांगपोकपी में लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने एसपी कार्यालय के सामने धरना दिया। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी खबर है। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-2 को भी जाम कर दिया गया।
CoTU की पांच मांगें
कांगपोकपी की कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (CoTU) ने पांच मांगें रखी हैं। संगठन ने उपमुख्यमंत्री लोसि दििखो को हटाने की मांग की है। तापहौ कुकी गांव का थाना क्षेत्र सेनापति से कांगपोकपी को देने की भी मांग है। संगठन ने सेनापति से एनएससीएन-आईएम के शिविर हटाने की मांग की है। जांच एनआईए को देने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग भी शामिल है।
संगठन ने कहा है कि मांगें पूरी होने तक शवों का अंतिम संस्कार नहीं होगा। कांगपोकपी में दुकानें और संस्थान बंद रहे। संगठन ने जिले में पूर्ण बंद का आह्वान किया था। उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने हत्याओं की निंदा की है। उन्होंने पूरी जांच की मांग की है।
फरवरी से जारी है तनाव
मणिपुर में कुकी और नागा समुदायों के बीच फरवरी से तनाव चल रहा है। शनिवार को नोनी में गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हुई थी। इस साल अब तक दोनों समुदायों के बीच झड़पों में 66 लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस ने कहा कि अभी तक हत्यारों की पहचान नहीं की गई है। प्रदर्शनकारी नागा उग्रवादियों पर अपहरण और हत्या का आरोप लगा रहे हैं।
इस घटना से मणिपुर में हिंसा की कोशिशों को झटका लगा है। प्रशासन ने सेनापति-कांगपोकपी सीमा पर गश्त बढ़ा दी है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
