Meerut की जिला अदालत ने बुधवार को Blue Drum Murder case में फैसला सुना दिया। अदालत ने Muskan Rastogi और Sahil Shukla को फांसी की सजा दी है। दोनों को Saurabh Rajput की हत्या और सबूत मिटाने का दोषी पाया गया था।
13 महीने चला ट्रायल, 126 सुनवाई
District and Sessions Judge Arvind Kumar Mishra ने सजा सुनाते हुए इसे दुर्लभतम अपराध बताया। दोनों को video conferencing के जरिए अदालत में पेश किया गया था। फैसले के बाद Muskan रोती नजर आई, जबकि Sahil स्तब्ध दिखा।
इस मामले में करीब 13 महीने ट्रायल चला। कुल 126 सुनवाई हुईं और 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष ने शुरू से फांसी की सजा की मांग की थी। उसका कहना था कि यह मामला “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” श्रेणी में आता है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि हत्या का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है। अदालत ने बचाव की दलीलें खारिज कर दीं।
अदालत ने दोनों पर धारा 302 के तहत 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया। धारा 238A के तहत 20-20 हजार का जुर्माना अलग से लगाया गया।
ड्रम में सीमेंट से सील की थी लाश
अभियोजन के मुताबिक Muskan ने पति Saurabh की 3 मार्च 2025 को हत्या की थी। Saurabh merchant navy में अधिकारी थे। हत्या के बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में भर दिए गए। ऊपर से सीमेंट डालकर ड्रम सील कर दिया गया था।
शव दो हफ्ते बाद बरामद हुआ। इसके बाद Muskan और Sahil को गिरफ्तार किया गया। इस वीभत्स हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था। तभी से यह “Blue Drum Murder” के नाम से जाना जाता है।
पीड़ित परिवार ने किया फैसले का स्वागत
फैसले के वक्त Saurabh की मां Renu Devi अदालत में मौजूद थीं। परिवार के कई सदस्य भी उनके साथ थे। परिवार ने फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि उन्हें इंसाफ मिला है।
Muskan के माता-पिता ने कहा था कि Saurabh बहुत अच्छा इंसान था। उनका कहना था कि दोषियों को फांसी मिले तो कोई आपत्ति नहीं। बता दें कि Muskan के परिवार ने उससे नाता तोड़ लिया था। जेल में उससे मिलने कोई नहीं गया। जेल में रहते हुए Muskan ने एक बेटी को जन्म दिया था।
