Modi Parmelin talks के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी को नई रफ्तार देने का ऐलान किया। नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य में मोदी ने कहा कि दोनों देश अगले 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर का निवेश और भारत में 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।
मोदी ने भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) को निवेश, नवाचार, रोजगार और साझा समृद्धि का महत्वाकांक्षी रोडमैप बताया। उन्होंने कहा, “इसके जरिए हम अगले 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर का निवेश साकार करेंगे और भारत में 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करेंगे।” EFTA में आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं, और TEPA 1 अक्टूबर 2025 से लागू है।
Modi Parmelin वार्ता में कौन-कौन से समझौते हुए
वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने कई समझौतों का आदान-प्रदान देखा। इनमें प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी समझौता तथा यंग प्रोफेशनल्स समझौता प्रमुख हैं। मोदी ने कहा कि इन समझौतों से स्विट्जरलैंड में भारतीय छात्रों, शोधकर्ताओं, पेशेवरों और युवाओं के लिए कई नए अवसर खुलेंगे। लोगों के बीच संपर्क को उन्होंने साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत बताया।
इसके अलावा, भारतीय कृषि, फार्मा, वस्त्र और इंजीनियरिंग उत्पादों के स्विस बाजार में निर्यात बढ़ाने पर फैसले लिए गए। वहीं बायोटेक, लाइफ साइंसेज, बैंकिंग, बीमा, खाद्य प्रसंस्करण और स्थिरता जैसे क्षेत्रों में नया स्विस निवेश आकर्षित किया जाएगा। दोनों देशों ने सैन्य आदान-प्रदान और रक्षा उत्पादन में नई संभावनाएं तलाशीं तथा परमाणु ऊर्जा में सहयोग गहरा करने पर सहमति जताई।
वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा
वार्ता में यूक्रेन और पश्चिम एशिया के हालात तथा वैश्विक संस्थानों में सुधार की जरूरत पर भी चर्चा हुई। मोदी ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं और वैश्विक शांति व स्थिरता के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। पार्मेलिन ने इस यात्रा को लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया।
इससे पहले राष्ट्रपति भवन में पार्मेलिन का औपचारिक स्वागत हुआ, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मोदी ने उनकी अगवानी की। पार्मेलिन ने राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित की और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी उनसे मुलाकात की। यह पार्मेलिन की पहली राजकीय भारत यात्रा है और वह 5 से 7 अक्टूबर तक तीन दिन के दौरे पर हैं। 7 अक्टूबर को वह दूसरे भारत-EFTA समृद्धि शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जो TEPA के लागू होने की पहली वर्षगांठ के मौके पर हो रहा है। गौरतलब है कि आज सुबह ही पार्मेलिन के तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत पर रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। वहीं वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ी OPEC+ की खबर भी आज चर्चा में रही। The Statesman की रिपोर्ट के अनुसार दोनों नेताओं ने भरोसेमंद आपूर्ति शृंखलाओं के निर्माण पर भी जोर दिया।
