Punjab CM OSD पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) करेगी। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के तीन पत्रों से जुड़े मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया। ये पत्र ED ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) को लिखे थे, जिनमें मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्य अधिकारी (OSD) राजबीर सिंह घुम्मन और कुछ अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे।
यह आदेश अधिवक्ता निखिल सराफ की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। याचिका में कहा गया था कि ED की शिकायतों पर पंजाब पुलिस ने कथित तौर पर FIR दर्ज नहीं की, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे CBI को सौंपा जाए। कोर्ट ने CBI को FIR दर्ज कर दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
Punjab CM OSD पर क्या आरोप हैं
ED के पत्रों में आरोप लगाया गया है कि OSD राजबीर सिंह घुम्मन ने अधिकारियों के तबादलों और तैनातियों, भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) तथा राज्य के अन्य कामों में दखल देकर भ्रष्टाचार किया। ED ने 7 से 10 मई के बीच कई जगहों पर छापेमारी की थी, जिनमें करीब 21 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। एक छापे के दौरान नकदी से भरा बैग बालकनी से नीचे फेंक दिया गया था। इसके अलावा व्हाट्सऐप चैट और डिजिटल रिकॉर्ड भी मिले थे।
रिपोर्टों के अनुसार, 2023 से 2026 के बीच ऐसे 20 से अधिक कथित मामले सामने आए हैं, जिनमें IAS, IPS, PCS और DSP स्तर के अधिकारियों से जुड़े फैसलों में दखल का आरोप है। हालांकि, ये सभी आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और किसी भी अदालत ने इन्हें साबित नहीं किया है। शिरोमणि अकाली दल पहले ही इस मामले में कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग कर चुका था।
अब आगे क्या होगा
हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI को अब इस मामले में FIR दर्ज करनी होगी और दो महीने के भीतर जांच की प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी होगी। पंजाब सरकार की ओर से अभी इस आदेश पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मामला भगवंत मान सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि आरोप सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारी पर हैं। गौरतलब है कि आज ही सुप्रीम कोर्ट ने CEC मामले में भी नोटिस जारी किया था। वहीं बिहार में बाढ़ राहत के दौरान पिस्तौल तानने वाले SHO पर भी आज ही कार्रवाई हुई थी। TOI की रिपोर्ट के अनुसार ED के तीनों पत्रों में तबादलों और CLU से जुड़े भ्रष्टाचार के विस्तृत आरोप दर्ज हैं।
