Madhya Pradesh High Court (MP High Court) ने Itarsi Junction पर हिरासत में ली गई एक महिला प्रदर्शनकारी को अदालत में पेश करने का आदेश दिया है। Jabalpur में Chief Justice Alpesh Y. Kogje और Justice Vivek Jain की खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Writ Petition No. 42805/2026) में 13 अक्टूबर को संबंधित व्यक्ति को अदालत में पेश करे।
याचिका Shardul Jitendra Buwa ने अपनी बहन Shravani Buva की ओर से दायर की है। Shravani Buva All India Students Federation (AISF) की Pune जिला संयोजक हैं। याचिका के मुताबिक उन्हें Goa Express से Pune से Delhi जाते समय Itarsi Junction पर पुलिस ने हिरासत में लिया था। वह CJP के प्रदर्शन में शामिल होने Delhi जा रही थीं। याचिका में दावा किया गया है कि 8 अक्टूबर से उन्हें अज्ञात स्थान पर रखा गया है और परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी गई।
अदालत ने कहा कि राज्य सरकार चाहे तो 13 अक्टूबर से पहले भी संबंधित व्यक्ति को पेश कर सकती है। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार चाहे तो संबंधित व्यक्ति की सुरक्षित वापसी की व्यवस्था भी कर सकती है।
30 प्रदर्शनकारी ट्रेनों से उतारे गए
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक Bhopal, Itarsi और Gwalior रेलवे स्टेशनों पर अलग-अलग ट्रेनों से करीब 30 प्रदर्शनकारियों को उतारकर हिरासत में लिया गया। ये सभी Goa, Karnataka और Maharashtra से Delhi जा रहे थे। अधिकारी का कहना है कि उन्हें समझा-बुझाकर अपने राज्यों को लौटने की सलाह दी जा रही है।
5 ट्रेनें रद्द, अधिकारियों को अलर्ट
West Central Railway ने Delhi जाने वाली 5 ट्रेन सेवाएं एक दिन के लिए रद्द कर दी हैं। इनमें Jabalpur-Nizamuddin Superfast Express, Mahakoshal Express, Madhya Pradesh Sampark Kranti Express, Rani Kamlapati-Nizamuddin और Kota-Nizamuddin सेवाएं शामिल हैं।
राज्य के अपर महाधिवक्ता Brahmadatt Singh ने DGP और संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को अदालत के आदेश के पालन के लिए तत्काल पत्र लिखा है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।
यह भी पढ़ें: CJP Protest: 10,000 हिरासत का दावा
यह भी पढ़ें: MP Ayushman: 65 अस्पताल सूची से बाहर
