एमपी में SIR से बड़ा बदलाव: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 42 लाख नाम कटे, भोपाल में सबसे ज्यादा असर
एमपी में SIR से बड़ा बदलाव: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 42 लाख नाम कटे, भोपाल में सबसे ज्यादा असर

भोपाल। मध्य प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इस प्रक्रिया के बाद राज्य की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। SIR के जरिए प्रदेशभर में 42 लाख 74 हजार 160 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा असर राजधानी भोपाल में देखने को मिला है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि SIR के अंतर्गत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया है। प्रदेश में कुल 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 मतदाताओं में से 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 मतदाताओं ने गणना पत्रक जमा किए।
सीईओ संजीव कुमार झा के अनुसार, मतदाता सूची से हटाए गए नामों के पीछे कई प्रमुख कारण सामने आए हैं। इनमें शिफ्टेड और अनुपस्थित (Absent) मतदाता 31.51 लाख, जो कुल मतदाताओं का 5.49 प्रतिशत हैं। वहीं मृत मतदाताओं की संख्या 8.46 लाख (1.47 प्रतिशत) रही। इसके अलावा एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज (डुप्लीकेट) मतदाता 2.77 लाख (0.48 प्रतिशत) पाए गए।
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया 22 जनवरी 2026 तक चलेगी। इसके बाद सत्यापन और जांच का चरण होगा और 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
🏙️ भोपाल में सबसे बड़ा असर
भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने SIR के तहत राजधानी की प्रारूप मतदाता सूची जारी की। SIR से पहले भोपाल में 21 लाख 25 हजार 908 मतदाता दर्ज थे, लेकिन संशोधन के बाद यह संख्या घटकर 16 लाख 87 हजार 033 रह गई है। यानी अकेले भोपाल में 4 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम कटे हैं।
📊 विधानसभा-वार आंकड़े
भोपाल की विभिन्न विधानसभा सीटों में वोटर कटने के आंकड़े इस प्रकार हैं—
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गोविंदपुरा विधानसभा: 97,052 वोटर हटाए गए
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नरेला विधानसभा: 81,235 वोटर हटाए गए
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मध्य विधानसभा: 67,304 वोटर हटाए गए
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दक्षिण-पश्चिम विधानसभा: 63,432 वोटर हटाए गए
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हुजूर विधानसभा: 65,891 वोटर हटाए गए
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उत्तर विधानसभा: 51,058 वोटर हटाए गए
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बैरसिया विधानसभा: 12,903 वोटर हटाए गए
इन आंकड़ों से साफ है कि गोविंदपुरा और नरेला विधानसभा में सबसे ज्यादा नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
🗳️ लोकतंत्र की शुद्धता की कवायद
निर्वाचन आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया में फर्जी या डुप्लीकेट वोटिंग की संभावना समाप्त हो सके। अब देखना होगा कि दावे-आपत्तियों के बाद अंतिम सूची में कितना बदलाव होता है।





