न्यूजीलैंड में शनिवार को आम चुनाव हुए। New Zealand Election की गिनती में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। 90 प्रतिशत से अधिक मतों की गिनती के बाद सत्तारूढ़ नेशनल पार्टी मामूली बढ़त बनाए हुए है। हालांकि अभी तक किसी भी खेमे को स्पष्ट जीत नहीं मिली है।
चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार नेशनल पार्टी को करीब 29.4 प्रतिशत वोट मिले हैं। मुख्य विपक्षी दल लेबर पार्टी 29.05 प्रतिशत वोटों के साथ बेहद करीब है। दोनों दलों के बीच अंतर एक प्रतिशत से भी कम है।
मतदान शनिवार सुबह 9 बजे शुरू हुआ और शाम 7 बजे समाप्त हुआ। करीब 17 लाख लोगों ने चुनाव के दिन से पहले ही अग्रिम मतदान कर दिया था। मतों की गिनती हाथ से की जा रही है, इसलिए शुरुआती आंकड़े धीरे-धीरे आ रहे हैं।
सीटों के अनुमान में नेशनल पार्टी 42 सीटों पर आगे है। उसके सहयोगी दल ACT को 13 और न्यूजीलैंड फर्स्ट को 12 सीटें मिलती दिख रही हैं। इस तरह मौजूदा गठबंधन के पास कुल 67 सीटें हो सकती हैं।
New Zealand Election: Opportunity पार्टी के हाथ में संतुलन
दूसरी ओर लेबर पार्टी 35 सीटों पर आगे है। ग्रीन पार्टी को 16 और ते पाति माओरी को 5 सीटें मिलने का अनुमान है। इस तरह वामपंथी खेमे के पास कुल 56 सीटें हो सकती हैं।
इस चुनाव में सबसे बड़ी भूमिका Opportunity पार्टी निभा सकती है। उसे 7 सीटें मिलने का अनुमान है और वह संसद में संतुलन की चाबी रख सकती है। पार्टी ने पांच प्रतिशत की सीमा पार कर ली है।
नेशनल पार्टी और ते पाति माओरी ने अपनी पार्टी वोट से अधिक निर्वाचन क्षेत्र जीते हैं। इसलिए संसद का आकार बढ़कर 130 सीटों का हो गया है। सरकार बनाने के लिए 66 सीटों की जरूरत है।
आधिकारिक नतीजा 27 नवंबर को, विशेष मत बाकी
चुनाव का आधिकारिक नतीजा 27 नवंबर को जारी होगा। उसमें विदेशों में रह रहे न्यूजीलैंड के नागरिकों के मत भी शामिल होंगे। इसके अलावा 1,72,000 से अधिक विशेष मतों की गिनती भी बाकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि देर से आने वाले मत आमतौर पर वामपंथी दलों के पक्ष में जाते हैं। इसलिए अंतिम नतीजे में तस्वीर बदल भी सकती है। गठबंधन की बातचीत आधिकारिक नतीजे के बाद ही शुरू होगी।
इस चुनाव में अर्थव्यवस्था सबसे बड़ा मुद्दा रही। मतदाताओं में दोनों बड़ी पार्टियों को लेकर निराशा भी दिखी। ग्रीन पार्टी को 13.39 प्रतिशत वोट मिले, जो उसके लिए मजबूत प्रदर्शन है। दुनिया भर में इस समय कई देशों में सत्ता बदल रही है। पराग्वे के राष्ट्रपति को हाल ही में पद से हटाया गया था। अमेरिका में भी ट्रंप प्रशासन में बड़े बदलाव हुए हैं।
