Cancer Drug Price Cut: 120 दवाएं सस्ती, ₹3,357 करोड़ बचत

Dainik R Times
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कैंसर के मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। Cancer Drug Price Cut के तहत 120 कैंसर दवाओं की कीमतों में भारी कटौती हुई है। 70 दवा कंपनियों ने अपनी दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य घटा दिए हैं। नई कीमतें 9 नवंबर से लागू होंगी।

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने 17 अक्टूबर को बड़ा फैसला लिया था। प्राधिकरण ने 137 कैंसर दवाओं पर व्यापार मार्जिन 30 प्रतिशत तक सीमित कर दिया। इसके बाद कंपनियों को संशोधित कीमतें जमा करनी थीं। सरकार ने 6 नवंबर को जारी तथ्य पत्र में बताया कि 120 दवाओं की नई कीमतें आ चुकी हैं।

सरकार के अनुमान के अनुसार इस कदम से मरीजों को करीब 3,357.49 करोड़ रुपये की बचत होगी। यह अनुमान अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच की बिक्री पर आधारित है। दवाओं की कीमतों में 20 से 70 प्रतिशत तक की कटौती हुई है।

सबसे अधिक कटौती 96.45 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। एक कीमोथेरेपी इंजेक्शन Samtepa की कीमत 80,071 रुपये से घटकर 7,150 रुपये रह गई है। इससे मरीजों को एक शीशी पर 72,921 रुपये से अधिक की बचत होगी।

Cancer Drug Price Cut: पहले 700% तक था मार्जिन

इन दवाओं पर पहले औसतन 170 प्रतिशत का मार्जिन लिया जा रहा था। कुछ मामलों में यह मार्जिन 700 प्रतिशत तक पहुंच गया था। इसलिए मरीजों को दवा की असली कीमत से कई गुना अधिक भुगतान करना पड़ रहा था।

सुप्रीम कोर्ट ने भी दवाओं की खरीद कीमत और खुदरा कीमत के बीच भारी अंतर पर सवाल उठाए थे। इसके बाद सरकार ने इस दिशा में कदम उठाया था। NPPA ने यह फैसला औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश 2013 के अनुच्छेद 19 के तहत लिया है।

इस सूची में पेम्ब्रोलिज़ुमैब, निवोलुमैब, डरवालुमैब, ओसिमर्टिनिब, ओलापरिब और बेवासिज़ुमैब जैसी दवाएं शामिल हैं। ये दवाएं कीमोथेरेपी, लक्षित उपचार और इम्यूनोथेरेपी में इस्तेमाल होती हैं। सरकार ने 2019 में भी 42 कैंसर दवाओं पर इसी तरह की सीमा लगाई थी।

9 नवंबर से नई कीमतें, Pharma Sahi Daam ऐप से जांचें

मरीज संशोधित कीमतों की जांच NPPA की वेबसाइट पर कर सकते हैं। इसके अलावा Pharma Sahi Daam मोबाइल ऐप पर भी दवाओं की नई कीमतें देखी जा सकती हैं। कंपनियों को कीमतों में बदलाव की जानकारी देनी होगी।

सरकार ने दवा कंपनियों को उत्पादन और आपूर्ति जारी रखने का निर्देश भी दिया है। दवाओं की कमी न हो, इसके लिए निगरानी रखी जाएगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में यह फैसला मरीजों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

सरकार ने हाल ही में दवा और खाद्य सुरक्षा पर भी सख्ती दिखाई है। महाराष्ट्र FDA ने हाल ही में कई लाइसेंस सस्पेंड किए थे। इसके साथ ही स्वास्थ्य और तकनीक क्षेत्र में भी बड़े फैसले लिए जा रहे हैं।

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