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NHRC Notice: Digvijaya Singh यात्रा में बच्चों पर जांच आदेश

Dainik R Times
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राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने दिग्विजय सिंह की यात्रा के खिलाफ आई शिकायत पर संज्ञान लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ में बच्चों के इस्तेमाल का आरोप है। NHRC Digvijaya Singh yatra मामले की सुनवाई आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने की। आरोप है कि उज्जैन से अयोध्या तक चल रही इस यात्रा में बच्चों को शामिल किया गया। शिकायत के मुताबिक उनसे राजनीतिक नारे भी लगवाए गए। आयोग ने साफ कहा है कि ये आरोप पहली नजर में बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन लगते हैं।

NHRC Digvijaya Singh yatra: 2 हफ्ते में रिपोर्ट तलब

आयोग ने मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत कार्रवाई की है। मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक बरनवाल और DGP कैलाश मकवाना को नोटिस जारी किया गया है। दोनों अधिकारियों को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। दो हफ्ते के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) सौंपनी होगी। यानी सरकार को तय समयसीमा में सच्चाई बतानी होगी। साथ ही उठाए गए कदमों की जानकारी भी देनी होगी।

Facebook पर वायरल वीडियो से शुरू हुआ मामला

शिकायत में 22 अक्टूबर को Facebook पर साझा किए गए वीडियो और तस्वीरों का हवाला दिया गया है। NHRC के सहायक रजिस्ट्रार बृजवीर सिंह के संवाद में इस आशंका का जिक्र है। शिकायतकर्ता को लगता है कि बच्चों को पैसे का लालच देकर यात्रा में लाया गया होगा। हालांकि आयोग ने अभी कोई निष्कर्ष नहीं सुनाया है। लेकिन इस पहलू की गंभीरता से जांच के निर्देश जरूर दिए गए हैं।

MeitY सचिव से भी मांगी गई रिपोर्ट

आयोग ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव को भी नोटिस भेजा है। उन्हें बच्चों की तस्वीरों और वीडियो के कथित ऑनलाइन प्रसार की जांच को कहा गया है। जांच के बाद अपनी ATR सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग का मानना है कि पहचान उजागर करने वाले ऐसे कंटेंट का प्रसार भी बाल अधिकारों के खिलाफ है।

गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने दशहरे के दिन उज्जैन से अयोध्या तक यह यात्रा शुरू की थी। अब NHRC के संज्ञान के बाद यह यात्रा नए विवाद में घिर गई है। सरकार की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी, इसलिए इस मामले पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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