तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में भारी बारिश ने कहर बरपाया है। Nilgiris Landslide में एक सरकारी बस मलबे में दब गई, जिससे उसके चालक की मौत हो गई। वहीं केरल के 150 से अधिक छात्र बाल-बाल बच गए, जिनकी बसें हादसे वाली जगह से सिर्फ 300 मीटर पीछे रुक गई थीं।
यह हादसा 23-24 अक्टूबर की दरमियानी रात को बुरलियार के पास हुआ। तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम (TNSTC) की बस कुन्नूर से मेट्टुपालयम जा रही थी। तेज बारिश के बीच पहाड़ी से मलबा, उखड़े पेड़ और पत्थर बस पर आ गिरे। बस का एक हिस्सा बुरी तरह दब गया और उसकी छत पिचक गई।
गर्दन तक कीचड़ में फंसे चालक-परिचालक
बचाव दल को चालक और परिचालक को गर्दन तक भरे कीचड़ से निकालने में घंटों मशक्कत करनी पड़ी। कुन्नूर और मेट्टुपालयम से पहुंचे अग्निशमन दल और पुलिस ने कड़ी मेहनत के बाद दोनों को बाहर निकाला। हालांकि चालक जनगराज की मौत हो गई। वह ऊटी के पास कूरट्टी गांव के रहने वाले थे।
परिचालक केशवन गंभीर रूप से घायल हैं और मेट्टुपालयम सरकारी अस्पताल में उनका गहन इलाज चल रहा है। हादसे से कुछ देर पहले ही बस के तीन यात्री कुरुमपाडी में उतर गए थे, इसलिए हादसे के समय बस में सिर्फ चालक और परिचालक ही थे।
केरल के छात्रों की बसें 300 मीटर पीछे रुकीं
इसी दौरान केरल के छात्रों की दो बसें भी मेट्टुपालयम की ओर जा रही थीं। ये छात्र पलक्कड़ लौट रहे थे। उनकी बसें हादसे वाली जगह से करीब 300 मीटर पीछे ही रुक गईं, इसलिए बड़ा हादसा टल गया। बाद में भूस्खलन के कारण वे फंस गए। पुलिस, अग्निशमन दल और जिला प्रशासन ने रस्सियों की मदद से उन्हें सुरक्षित निकाला।
द हिंदू के अनुसार 300 से अधिक लोग, जिनमें केरल के स्कूली छात्र भी शामिल थे, फंस गए थे। बाद में सभी को सुरक्षित मेट्टुपालयम पहुंचाया गया। बुरलियार में 24 घंटे में 250 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पहाड़ी रास्तों पर कई जगह भूस्खलन हुआ, जिससे 200 से अधिक वाहन फंस गए।
रेड अलर्ट, पर्यटकों को पहाड़ी रास्तों से बचने की सलाह
नीलगिरि जिले में शनिवार को अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। जिलाधिकारी लक्ष्मी भव्या ने पर्यटकों और आम लोगों से मेट्टुपालयम से ऊटी जाने वाले पहाड़ी रास्तों से बचने की अपील की है। कुन्नूर और कोटागिरि के रास्ते भी जोखिम भरे बताए गए हैं।
सोशल मीडिया पर बस का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह पहाड़ी किनारे कीचड़ और पेड़ों के मलबे में दबी दिख रही है। प्रशासन ने मलबा हटाने के लिए अर्थमूवर लगाए हैं और प्रभावित रास्तों पर वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी लगा दी है।
