उत्तर कोरिया ने सोमवार सुबह बैलिस्टिक मिसाइलों का एक और परीक्षण किया। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने पुष्टि की। मिसाइलें सुबह करीब 9:20 बजे प्योंगयांग के पास से दागी गईं। वे पूर्वी समुद्र यानी जापान सागर की ओर बढ़ीं। भारतीय समय के मुताबिक यह North Korea missile launch घटना सुबह लगभग 5:50 बजे हुई।
दक्षिण कोरिया की सेना ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। आशंका है कि आगे और परीक्षण हो सकते हैं। अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान इस घटना की सूचनाएं आपस में साझा कर रहे हैं। तीनों देश पूरी तैयार स्थिति बनाए हुए हैं।
जापान के तटरक्षक बल और रक्षा मंत्रालय ने भी एक से ज्यादा संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रक्षेपण की पुष्टि की। अधिकारियों के मुताबिक सभी मिसाइलें जापान के क्षेत्र से बाहर गिरीं। किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली।
नौ दिन बाद फिर North Korea missile launch
यह इस साल उत्तर कोरिया का 16वां बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण बताया जा रहा है। नौ दिन पहले, 3 अक्टूबर को उत्तर कोरिया ने वोनसान क्षेत्र से एक मिसाइल दागी थी। उत्तर कोरिया ने दावा किया था कि वह मध्यम दूरी की रणनीतिक मिसाइल थी। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के इस्तेमाल का दावा किया गया। पिछले परीक्षण और किम यो जोंग के AI वाले दावे पर हमारी पूरी खबर पढ़ें।
शुरुआती आकलन में बताया गया कि सोमवार को दागी गई मिसाइलें 900 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक उड़ीं। हालांकि दक्षिण कोरिया और अमेरिका की एजेंसियां उनकी सटीक तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण कर रही हैं।
दक्षिण कोरिया के हाइपरसोनिक परीक्षण के चार दिन बाद
गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया ने पिछले हफ्ते 8 अक्टूबर को अपना पहला स्वदेशी हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल परीक्षण किया था। यह परीक्षण असैन्यीकृत क्षेत्र (DMZ) में हुए बारूदी सुरंग विस्फोट के बाद किया गया था।
उस विस्फोट में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हुए थे। सोल ने आरोप लगाया था कि बारूदी सुरंगें उत्तर कोरिया ने बिछाई थीं। लेकिन प्योंगयांग ने इस दावे को खारिज कर दिया। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।
किम यो जोंग ने हाल में दक्षिण कोरिया के नेतृत्व की तीखी आलोचना भी की थी। जानकारों का मानना है कि सोमवार का मिसाइल परीक्षण इसी बढ़ते तनाव की कड़ी है।
