संसद में SIR को लेकर सियासी घमासान जारी
नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र 2025 के दूसरे दिन भी हंगामेदार साबित हुआ। एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू) के मुद्दे को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तनातनी चरम पर पहुंच गई। लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार को सुबह से ही बाधित रही और अंततः दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। राज्यसभा में भी विपक्ष ने SIR पर चर्चा का मुद्दा उठाया, जिससे दोनों सदनों में कार्यवाही प्रभावित हुई। यह सत्र 19 दिसंबर तक चलने वाला है और शुरुआती दो दिन से ही सत्र हंगामेदार बना हुआ है।
विपक्ष का प्रदर्शन और आरोप
सुबह 10:30 बजे से ही संसद परिसर में विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया। सांसद हाथों में SIR विरोधी पोस्टर और बैनर लेकर नारेबाजी कर रहे थे। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में रूल्स ऑफ़ प्रोसीजर एंड कंडक्ट ऑफ़ बिज़नेस के तहत SIR पर चर्चा के लिए मोशन पेश किया।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संचार साथी ऐप के प्री-इंस्टॉल करने के निर्देश को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने इसे “जासूसी ऐप” बताते हुए कहा कि नागरिकों को प्राइवेसी का अधिकार है और किसी भी ऐप के जरिए व्यक्तिगत डेटा तक पहुंचना गलत है। उनका कहना था कि संसद इसलिए काम नहीं कर रही क्योंकि सरकार कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से भाग रही है।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार SIR के मुद्दे पर जवाब देने में विफल रही है। विपक्ष के प्रदर्शन के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
सत्ता पक्ष का जवाब
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष को संसद में मुद्दों को ढूंढ-ढूंढकर लाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि कई मुद्दे ऐसे हैं जिन्हें विपक्ष ने पहले ही उठाया है। रिजिजू ने विपक्ष के प्रमुख नेताओं से बातचीत का आश्वासन दिया और कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है।
भाजपा और सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर हंगामा कर कार्यवाही बाधित करने का आरोप भी लगाया। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन सदन की मर्यादा बनाए रखना विपक्ष की जिम्मेदारी है।
राज्यसभा में गतिरोध
राज्यसभा में भी SIR को लेकर गतिरोध देखा गया। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि संवेदनशील मुद्दों पर सरकार चर्चा से भाग रही है। सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने भी सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। इसके चलते राज्यसभा में हंगामा हुआ, लेकिन सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही सुचारू रखने का प्रयास किया।
वित्त और विधेयक कार्यवाही
हालांकि हंगामे के बीच लोकसभा में मणिपुर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) दूसरा संशोधन विधेयक 2025 पास हो गया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल, 2025 पेश किया। इसका उद्देश्य सेंट्रल एक्साइज एक्ट, 1944 में बदलाव करना है। यह विधेयक भी हंगामे के बावजूद सदन में प्रस्तुत किया गया और इसके पारित होने की प्रक्रिया शुरू हुई।
लोकसभा की स्थगित कार्यवाही और विपक्ष की प्रतिक्रिया
लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के चलते कई बार स्थगित हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी बात सुनने में असफल रही। वहीं, सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर हंगामा कर कार्यवाही बाधित कर रहा है। सांसदों और नेताओं ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखना बेहद जरूरी है।
संसद परिसर में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां
संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया। पुलिस और प्रशासन ने संसद परिसर में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। सभी प्रवेश द्वार पर कड़ी निगरानी रखी गई और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।

