कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के दौरे पर पहुंचे। बिरसा ब्लॉक के जगला गांव में उन्होंने बीमारी के चलते जान गंवाने वाले बैगा आदिवासी समुदाय के बच्चों के परिजनों से मुलाकात की और उनके साथ बैठकर उनकी परेशानियां सुनीं।
कार्यक्रम स्थल पर करीब डेढ़ हजार लोगों की मौजूदगी बताई गई है। परिजनों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने बच्चों की मौत, स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत, मुआवजे और आदिवासी परिवारों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर तीखे सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि बीमारी और कुपोषण के मामलों में समय पर इलाज और सरकारी मदद न मिलना बेहद गंभीर चिंता का विषय है। राहुल गांधी के मुताबिक प्रभावित परिवारों को पर्याप्त सरकारी सहयोग नहीं मिला और कई परिवारों को अब तक मुआवजा तक नहीं दिया गया है।
राहुल गांधी ने कहा कि गांवों में स्कूल, अस्पताल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी साफ दिखाई देती है। उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों की जिम्मेदारी लेने और पात्र परिवारों को उनके हक दिलाने की मांग की।
महिलाओं से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने लाड़ली बहना योजना से जुड़े लाभ को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला किसी दूसरी सरकारी योजना की पात्र है, तो सिर्फ उसी आधार पर उसे लाड़ली बहना योजना की राशि से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने महिलाओं से सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से जुड़ी उनकी दिक्कतों के बारे में भी जानकारी ली।
राहुल गांधी ने कहा कि बालाघाट के आदिवासी परिवारों से जुड़े इन मुद्दों को वह लोकसभा में उठाएंगे। उन्होंने साफ किया कि यह मामला केवल बालाघाट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर के आदिवासी समुदायों से जुड़े शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों के सवाल संसद में उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना जरूरी है, साथ ही उन्हें उनके अधिकार भी मिलने चाहिए। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कांग्रेस की सरकार बनने पर प्रभावित परिवारों की मदद करने और इन मुद्दों पर कानून लाने की दिशा में काम करने की बात भी कही।
गौरतलब है कि बालाघाट में बच्चों की मौतों का मामला पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में है और मौतों के आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। राहुल गांधी के दौरे से ठीक पहले एक और आदिवासी बच्ची की मौत की खबर भी सामने आई थी। यह 13 दिनों में राहुल गांधी का मध्यप्रदेश का दूसरा दौरा है। इससे पहले राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम और इंदौर दौरे पर भी सियासत गरमाई थी। (स्रोत: खुलासा फर्स्ट)
