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RBI Repo Rate Hike: 25 bps बढ़कर 5.50%, 4 साल बाद बढ़त

Dainik R Times
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भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बुधवार को ब्याज दरों पर बड़ा फैसला लिया। RBI Repo Rate Hike के तहत Repo Rate में 25 basis points की बढ़ोतरी की गई है। अब Repo Rate 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गया है। छह सदस्यीय Monetary Policy Committee (MPC) ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया। गवर्नर Sanjay Malhotra ने सुबह 10 बजे policy statement में इसका ऐलान किया।

यह करीब 4 साल में पहली बार है जब RBI ने दरें बढ़ाई हैं। आखिरी बढ़त फरवरी 2023 में हुई थी। इसके बाद 2025 में कुल 125 bps की कटौती हुई थी। फिर चार बार दरें जस की तस रखी गईं। अब easing cycle पलट गया है।

Committee ने अपना stance भी बदला है। पहले stance ‘Neutral’ था, अब ‘Calibrated Tightening’ कर दिया गया है। इसका संकेत है कि महंगाई पर अब सख्त नज़र रहेगी। हालांकि, आगे की कार्रवाई inflation और growth के आंकड़ों पर निर्भर करेगी।

RBI Repo Rate Hike: Inflation और Growth का अनुमान

महंगाई को लेकर RBI की चिंता बढ़ी है। अगस्त में headline CPI 4.8% रहा, जो जुलाई के 4.5% से अधिक है। यह लगातार तीसरा महीना है जब inflation RBI के 4% के लक्ष्य से ऊपर है। खाने-पीने की चीज़ों, fuel और fertilisers की कीमतों ने दबाव बढ़ाया है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और West Asia का तनाव भी बड़ी वजह है।

वहीं growth को लेकर RBI आश्वस्त है। FY27 के लिए GDP growth का अनुमान बढ़ाकर 7.1% कर दिया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में GDP 7.8% की मज़बूत रफ्तार से बढ़ा था। FY27 में CPI inflation 5.2% रहने का अनुमान है, जो पहले से अधिक है।

कर्जदारों पर क्या असर पड़ेगा?

Repo Rate वह दर है जिस पर RBI banks को कर्ज देता है। इसके बढ़ने से banks के लिए पैसा महंगा होगा। इसका असर home loan, car loan और personal loan की EMI पर पड़ सकता है। हालांकि, banks अपने स्तर पर फैसला लेंगे।

दूसरी प्रमुख दरों में भी बदलाव हुआ है। MSF rate और bank rate बढ़कर 5.75% हो गए हैं। SDF rate 5.25% किया गया है। Cash Reserve Ratio (CRR) 3% पर बरकरार रखा गया है।

RBI ने ग्राहकों के लिए कुछ और ऐलान भी किए। NBFC-Account Aggregators के बीच interoperability होगी। इससे ग्राहक किसी भी NBFC-AA से अपनी financial information access कर सकेंगे। साथ ही bank deposits और demat holdings अब एक ही consolidated statement में दिखेंगे।

PTI के poll में अधिकतर economists ने 25 bps बढ़त का अनुमान लगाया था। करीब 60% economists का मानना था कि stance भी सख्त होगा। फैसला उम्मीदों के अनुरूप ही आया है।

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Source: ET Now

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