रोमानिया के दो F-16 लड़ाकू विमानों ने शनिवार शाम काला सागर में देश के जलक्षेत्र में घुसे दो ड्रोनों को मार गिराया। Romania F-16 की इस कार्रवाई को नाटो के पूर्वी मोर्चे पर बढ़ते तनाव के बीच अहम माना जा रहा है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक दोनों ड्रोन शनिवार को भारतीय समयानुसार रात करीब 8:29 और 8:31 बजे रोमानियाई जलक्षेत्र में दाखिल हुए। इसके बाद F-16 विमानों ने उन्हें सुलिना के पास मार गिराया। एक ड्रोन दो मिनट और दूसरा पांच मिनट तक रोमानियाई हवाई क्षेत्र में रहा।
Romania F-16: Geran-4 ड्रोन का पहला शिकार
रोमानिया के रक्षा मंत्री राडू मिरुटा ने रविवार को कहा कि ये ड्रोन संभवतः रूस निर्मित नवीनतम पीढ़ी के Geran-4 ड्रोन थे, जो 450 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ रहे थे, जैसा कि रॉयटर्स की रिपोर्ट में बताया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के ड्रोनों को मार गिराने का यह पहला मौका है।
दोनों F-16 विमानों ने बोरसिया स्थित 86वें एयर बेस से उड़ान भरी थी। रूस के पूर्ण आक्रमण के बाद से रोमानिया अपने हवाई क्षेत्र में रूसी ड्रोनों की घुसपैठ की शिकायत करता रहा है। इस साल की शुरुआत से रोमानिया ने अपने क्षेत्र में घुसने वाले ड्रोनों को मार गिराना शुरू किया है।
काला सागर में बढ़ता संकट, NATO की बैठक
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब कुछ दिन पहले सुलिना नहर के पास दो रासायनिक टैंकरों पर ड्रोन हमले हुए थे। नाटो के एक सैन्य सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि ये हमले रूसी ड्रोनों ने किए थे। एक जहाज के सात चालक दल के सदस्य अभी भी लापता हैं।
पिछले दो हफ्तों में रोमानिया और बुल्गारिया के तटों के पास कम से कम पांच अन्य मालवाहक जहाजों पर हमले हो चुके हैं, जिनमें 23 नाविक मारे गए या लापता हैं। इससे पहले सेंट पीटर्सबर्ग में यूक्रेन के ड्रोन हमले से तेल टर्मिनल में आग लगी थी, जिससे क्षेत्र में तनाव पहले से बढ़ा हुआ था।
रोमानिया के विदेश मंत्री ओआना टोइउ ने कहा कि नॉर्थ अटलांटिक काउंसिल मंगलवार को काला सागर की रक्षा और प्रतिरोध पर बैठक करेगी। नाटो के एक अधिकारी ने कहा कि गठबंधन किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार है।
