अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। वे शनिवार देर रात (अमेरिकी समय) Joint Base Andrews से उड़े और 20 अक्टूबर को भारत पहुंचेंगे। यह छह महीनों में उनका दूसरा भारत दौरा होगा।
दौरे की शुरुआत उज्बेकिस्तान से होगी, जहां वे C5+1 मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे। इसके बाद 20 अक्टूबर को मुंबई में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात होगी। 21 अक्टूबर को वे गुजरात के जामनगर जाएंगे, जहां रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और कंपनी के अधिकारियों से रिफाइनरी हब में मुलाकात करेंगे।
Energy, trade और defence एजेंडे में
बातचीत का एजेंडा व्यापक है — energy, trade, investment, defence और critical व emerging technologies पर चर्चा होगी। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा और व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का अवसर होगा।
टैरिफ राहत की पृष्ठभूमि
यह दौरा उस फैसले के बाद हो रहा है जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने वाले Graham Act के प्रावधानों को 60 दिनों के लिए स्थगित कर दिया था। इस टैरिफ राहत के बाद रूबियो ने कहा है कि प्रशासन इन दो महीनों में यह विश्लेषण करना चाहता है कि ऐसे व्यापक प्रतिबंधों का वैश्विक और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रूबियो ने स्वीकार किया कि भारत ने अपने energy स्रोतों में विविधता लाई है, लेकिन रूसी आपूर्ति पर अब भी काफी निर्भर है, जिससे अचानक बदलाव मुश्किल है। गौरतलब है कि रूबियो के मुंबई और जामनगर जाने — दिल्ली न जाने — को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे, लेकिन विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि व्यापार और energy पर केंद्रित दौरों के लिए विभिन्न शहरों में मेहमानों की मेजबानी पिछले एक दशक से स्थापित परंपरा है।
