सुप्रीम कोर्ट गुरुवार 15 अक्टूबर को Rahul Gandhi की SIR याचिका पर सुनवाई करेगा। Rahul Gandhi SIR petition Supreme Court hearing मामले में शीर्ष अदालत आज अहम फैसला ले सकती है। यह याचिका 12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने मिलकर दायर की थी। चुनाव आयोग के फैसलों की न्यायिक जांच इसकी मुख्य मांग है।
याचिका Rahul Gandhi के साथ 10 विपक्षी नेताओं ने मिलकर दायर की है। इनमें Mallikarjun Kharge, Saugata Roy, Akhilesh Yadav, Tejashwi Yadav, Sanjay Raut, M A Baby, D Raja, Mahua Majhi, Supriya Sule और E T Mohammed Basheer शामिल हैं। वरिष्ठ वकील A.M. Singhvi अदालत में पक्ष रखेंगे। वकील Prasanna S. ने याचिका दायर की थी।
Supreme Court Hearing: याचिका में क्या मांग की गई है
याचिकाकर्ताओं ने SIR प्रक्रिया के पूरे रिकॉर्ड का खुलासा मांगा है। चुनाव आयुक्त Sukhbir Singh Sandhu और Vivek Joshi ने जो फाइलें, एजेंडे, कार्यवाही, टिप्पणियां और आपत्तियां दर्ज कीं, उनकी पूर्ण जानकारी मांगी गई है। दाखिल याचिका में आरोप है कि देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाता हटाए गए। यह गंभीर आरोप चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
साथ ही पूछा गया है कि CEC Gyanesh Kumar ने क्या मनमाना या एकतरफा फैसला लिया। याचिकाकर्ता SIR पर अंतरिम रोक भी चाहते हैं। क्योंकि यह फैसला चुनाव प्रक्रिया को सीधे प्रभावित कर सकता है। इस मामले की सुनवाई CJI Surya Kant की अध्यक्षता वाली बेंच करेगी।
बेंच में Justices Joymalya Bagchi और V Mohana भी शामिल हैं। देश की निगाहें इस सुनवाई पर टिकी हुई हैं। अदालत की टिप्पणियां आगे की दिशा तय करेंगी।
क्लब की गई अन्य याचिकाएं
इसी के साथ दो अन्य याचिकाएं भी क्लब की गई हैं। पहली याचिका IYC ने दायर की है। इसमें Jantar Mantar के डी-नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई है। दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को यह आदेश जारी किया था।
दूसरी याचिका अवमानना से जुड़ी हुई है। इसमें 8 अक्टूबर के आदेश के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। मेट्रो और रेल पर लगी पाबंदियों का मामला उठाया गया है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला बेंच ही लेगी।
इसके अलावा Delhi SIR Form 6 की याचिका भी चर्चा में है। अदालत ने बुधवार को कहा कि भ्रम दूर करने के लिए वह आदेश देने की सोच रही है। दिल्ली SIR की सुनवाई 30 अक्टूबर से बढ़ाकर 28 अक्टूबर कर दी गई है। इसलिए यह मामला और महत्वपूर्ण हो गया है।
पृष्ठभूमि
पिछले कुछ हफ्तों से दिल्ली में SIR की पारदर्शिता को लेकर प्रदर्शन चल रहे हैं। विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। हालांकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने पहले इस याचिका में 14 खामियां भी बताई थीं।
अब गुरुवार की सुनवाई का परिणाम चुनाव प्रक्रिया पर असर डाल सकता है। इसलिए राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ गई है। अदालत की टिप्पणियों पर सभी की नजर रहेगी। आगे की कार्रवाई सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
