Follow Dainik Rajeev Times

SC Sunday Hearing: अवैध हिरासत नहीं, Metro-Internet बहाल

Dainik R Times
4 Min Read

Supreme Court ने रविवार को हुई special sitting में Delhi authorities को स्पष्ट निर्देश दिया है कि शांतिपूर्ण ढंग से जमा हो रहे लोगों की अवैध हिरासत नहीं की जाएगी। Court ने यह भी कहा कि Delhi Metro और rail services अपने सामान्य schedule के अनुसार चलेंगी और Internet सेवाएं बाधित नहीं होंगी। यह आदेश Cockroach Janta Party (CJP) के शनिवार के प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर दाखिल याचिकाओं की सुनवाई में आया है।

Justices Joymalya Bagchi और V Mohana की bench ने कहा कि 9 अक्टूबर के अपने आदेश के कथित उल्लंघन और 10 अक्टूबर को बड़ी संख्या में लोगों की अवैध हिरासत के आरोपों पर urgent applications दाखिल हुई थीं, इसलिए Court ने Sunday को special sitting बुलाई। Senior counsels ने दलील दी कि Court के निर्देशों का खुला उल्लंघन हुआ — Metro rail ठीक से नहीं चली, New Delhi और Nizamuddin railway stations बंद रहे, कोई traffic advisory जारी नहीं हुई, और Section 163 of the Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS), 2023 के तहत निषेधाज्ञा वाले क्षेत्र से बाहर भी बड़ी संख्या में लोगों को परेशान किया गया और अवैध रूप से हिरासत में लिया गया।

SC Sunday Hearing में Bench के निर्देश

Solicitor General Tushar Mehta ने Centre की ओर से अधिकारियों की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि 10 अक्टूबर को Delhi Metro network के 303 में से सिर्फ 45 stations पर entry और exit प्रतिबंधित की गई थी। हालांकि Court ने Mehta से कहा कि वे सुनिश्चित करें कि Delhi Metro अपने सामान्य schedule पर चले और law and order की शर्तों के अधीन Internet सेवाओं में कोई बाधा न आए।

Court ने यह भी कहा कि lawyers और journalists को उनके काम में बाधा नहीं पहुंचाई जाए, लोगों और traffic की free movement हो, barricading की तुरंत समीक्षा की जाए और Supreme Court के पास लगा Section 163 BNSS का board हटाया जाए।

Advocate Shailendra Mani Tripathi ने advocate Chand Qureshi के माध्यम से contempt याचिका दाखिल की थी, जिसमें Union Home Secretary Govind Mohan, Delhi Police Commissioner Anurag Kumar और DMRC chairperson D Thara को contemnor बनाया गया है। आरोप है कि 9 अक्टूबर के आदेश — public transport पर पूर्ण प्रतिबंध न लगाने — का जानबूझकर उल्लंघन हुआ। Court ने इस पर Centre को notice जारी किया है।

TMC Rajya Sabha MP और senior advocate Menaka Guruswamy की habeas corpus याचिका में चार former chief ministers समेत opposition leaders, lawyers और journalists की preventive detention को शांतिपूर्ण protest के मौलिक अधिकार का दमन बताया गया है। Authorities को Tuesday, 13 October तक जवाब और compliance report दाखिल करनी होगी, और सभी संबंधित याचिकाओं को एक साथ tag करके सुना जाएगा।

शनिवार को CJP के Jantar Mantar प्रदर्शन के आह्वान पर Delhi Police ने करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिया था। ज्यादातर को शनिवार रात तक रिहा कर दिया गया, जबकि CJP के तीन शीर्ष नेताओं को रविवार सुबह एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा किया गया।

यह भी पढ़ें:
– SC Sunday Special Hearing: Metro Shutdown पर सुनवाई
– CJP Leaders Released: 24 घंटे बाद Dipke, Das, Ranka रिहा

Share This Article