Sensex Nifty Fall: चौथे हफ्ते भी बाजार में गिरावट
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को चार कारोबारी सत्रों की गिरावट थमी। हालांकि, पूरे सप्ताह Sensex और Nifty में कमजोरी रही। दोनों प्रमुख सूचकांकों ने लगातार चौथे सप्ताह गिरावट दर्ज की।
शुक्रवार को Nifty 50 24.25 अंक यानी 0.10% बढ़कर 23,897.70 पर बंद हुआ। वहीं Sensex 362.57 अंक यानी 0.48% चढ़कर 76,515.43 पर पहुंचा।
Sensex Nifty Fall का चौथा हफ्ता क्यों अहम है?
वहीं, साप्ताहिक आधार पर बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा। Nifty में करीब 1.2% की गिरावट दर्ज हुई। Sensex भी लगभग 1% नीचे रहा।
इस तरह दोनों बेंचमार्क लगातार चौथे सप्ताह गिरावट में रहे। Reuters के मुताबिक यह करीब पांच महीनों में सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट की श्रृंखला है।
शुक्रवार की तेजी से चार कारोबारी सत्रों की गिरावट जरूर रुकी। हालांकि, इससे पूरे सप्ताह का नुकसान पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।
Sensex Nifty Fall पर Crude Oil का दबाव
इसके अलावा, महंगा कच्चा तेल बाजार के लिए बड़ी चिंता बना रहा। सप्ताह के दौरान Brent crude करीब 7% चढ़ा। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से सप्लाई को लेकर आशंकाएं मजबूत हुईं।
शुक्रवार के कारोबार के अंत तक Brent crude करीब 92.68 डॉलर प्रति बैरल पर था। सप्ताह में इसमें 7.6% की बढ़ोतरी हुई। WTI crude करीब 91.48 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ और लगभग 10% साप्ताहिक बढ़त दर्ज की।
भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए लंबे समय तक महंगा crude चिंता बढ़ा सकता है। इससे महंगाई, चालू खाते और कंपनियों की लागत पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
घरेलू अर्थव्यवस्था से मिली राहत
हालांकि, भारतीय अर्थव्यवस्था से इस सप्ताह कुछ मजबूत संकेत भी मिले। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.8% रही।
मजबूत आर्थिक आंकड़ों और टैक्स कलेक्शन से घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत मिला। इसके बावजूद वैश्विक जोखिम और तेल की कीमतों ने शेयर बाजार की धारणा पर दबाव बनाए रखा।
Foreign Investors की बिकवाली जारी
इसी दौरान, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार के लिए चिंता का विषय रहीं। सप्ताह के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।
इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। इससे विदेशी बिकवाली के प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में मदद मिली।
किन सेक्टरों पर रहा दबाव?
साथ ही, कई प्रमुख सेक्टरों में कमजोरी देखने को मिली। Reuters के मुताबिक सप्ताह के दौरान ऑटो इंडेक्स करीब 4% गिरा। कमजोर बिक्री वृद्धि की आशंकाओं ने ऑटो शेयरों पर दबाव डाला।
इसके विपरीत, शुक्रवार को मेटल और कुछ प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला। Coal India में भी मजबूती देखने को मिली।
अब निवेशकों की नजर US Data पर
अब निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। अमेरिकी रोजगार और महंगाई से जुड़े आंकड़े Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति के संकेत दे सकते हैं।
इसके अलावा, crude oil की चाल और अमेरिका-ईरान तनाव भी भारतीय बाजार की दिशा के लिए अहम रहेंगे। फिलहाल लगातार चार सप्ताह की गिरावट के बाद निवेशकों का रुख सावधान बना हुआ है।

