शिवपुरी में रेप केस पीड़िता का आत्महत्या प्रयास: नपा अध्यक्ष गायत्री शर्मा, पति और बेटे पर गंभीर आरोप, 6 पन्नों का सुसाइड नोट मिला

DR Times
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शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा, उनके पति संजय दुबे और बेटे रजत शर्मा पर गंभीर आरोप लगाने वाली रेप केस की पीड़िता ने बुधवार (24 दिसंबर) को आत्महत्या का प्रयास कर लिया। पीड़िता ने एक साथ करीब 45 नींद की गोलियां और चूहा मारने की दवा खा ली, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।

परिजनों ने तत्काल उसे शिवपुरी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां उसे भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक युवती की स्थिति गंभीर बनी हुई है और वह लगातार चिकित्सकीय निगरानी में है।

प्रेम संबंध से शुरू हुआ पूरा मामला

पीड़िता और रजत शर्मा के बीच लंबे समय तक प्रेम संबंध रहे। युवती का आरोप है कि शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए। 14 अप्रैल को उसे पता चला कि रजत शर्मा की सगाई उसकी जानकारी के बिना किसी और से कर दी गई है। इसके बाद वह न्याय की गुहार लेकर कोतवाली थाना पहुंची।

लगातार कई दिनों तक थाने के चक्कर लगाने के बाद 30 अप्रैल को कोतवाली पुलिस ने रजत शर्मा के खिलाफ रेप सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की। हालांकि, एफआईआर के लगभग एक माह बाद रजत शर्मा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई।

6 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद

आत्महत्या के प्रयास से पहले पीड़िता ने करीब 6 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा है, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। इस नोट में उसने पिछले 7 महीनों से लगातार मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक प्रताड़ना का जिक्र किया है। युवती ने साफ तौर पर नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा, उनके पति संजय दुबे और बेटे रजत शर्मा को अपनी हालत के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

धमकी और राजीनामे के दबाव के आरोप

सुसाइड नोट में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मामला दर्ज होने के बाद उसे लगातार धमकियां दी गईं। जब उसने समझौते से इनकार किया तो 50 लाख रुपये का ऑफर देकर राजीनामा करने का दबाव बनाया गया। युवती का दावा है कि राजनीतिक नेताओं, सेवानिवृत्त अधिकारियों और पुलिस से जुड़े कुछ लोगों की ओर से भी उस पर दबाव बनाया गया।

पीएम-सीएम से न्याय की गुहार

पीड़िता ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि उसे रिश्तेदारों के जरिए डराया गया और कथित तौर पर गुंडों से परेशान करवाया गया। न्याय न मिलने से वह मानसिक रूप से टूट चुकी थी। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से न्याय दिलाने की अपील भी की है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पीड़िता के होश में आने के बाद उसके बयान दर्ज किए जाएंगे और सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

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