अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार रात एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने Lindsey O Graham Sanctioning Russia and Iran Act के तहत रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर लगने वाले दंडात्मक टैरिफ को फिलहाल माफ (waive) कर दिया है। Executive order में ट्रंप ने कहा कि यह कदम अमेरिका के राष्ट्रीय हित (national interest) में है, और उन्होंने Congress को इस आशय का certification भी भेज दिया है।
यह छूट उस समय आई है जब 18 अक्टूबर से ये प्रावधान लागू होने वाले थे। कानून के तहत रूस से तेल-गैस खरीदने वाले पांच सबसे बड़े आयातकों के सभी सामान पर 100% तक टैरिफ लग सकता था। भारत और चीन रूसी ऊर्जा के सबसे बड़े खरीदारों में आते हैं, इसलिए दोनों देशों को इस फैसले से बड़ी राहत मिली है। ट्रंप ने Graham Act की Sections 112 और 113 के तहत लगने वाली duties के साथ कई sanctions और restrictions को भी waive किया है।
India-China को मिली बड़ी राहत
अमेरिका पिछले कई महीनों से भारत पर रूसी तेल की खरीद बंद करने का दबाव डाल रहा था। लेकिन नई दिल्ली का रुख शुरू से साफ रहा है — ऊर्जा की खरीद राष्ट्रीय हित और energy security के आधार पर तय होगी, न कि किसी बाहरी दबाव पर। हाल के महीनों में भारत ने रूसी तेल का हिस्सा घटाया भी है; जुलाई में जहां रूस का हिस्सा 51% था, वहीं अगस्त में यह 44% रह गया, जबकि अमेरिका और UAE से खरीद बढ़ी।
दिलचस्प बात यह है कि यह छूट US Secretary of State Marco Rubio की 17 से 22 अक्टूबर की India यात्रा से ठीक पहले आई है। पिछले महीने UN General Assembly के मौके पर External Affairs Minister S Jaishankar ने Rubio के सामने Graham Act पर भारत की चिंता रखी थी। उन्होंने समझाया था कि भारत की refineries मध्य-पूर्व और रूस से आने वाले medium sour crude के हिसाब से configured हैं, और Iran war की वजह से मध्य-पूर्व से आपूर्ति प्रभावित होने के चलते भारत को रूसी कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
Trade Deal पर क्या असर होगा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस छूट से भारत को bilateral trade deal पर बातचीत के लिए समय मिल गया है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। Trade research body GTRI के Ajay Srivastava ने कहा कि यह छूट स्थायी नहीं है — अमेरिका trade talks में रियायतें निकालने के लिए टैरिफ की धमकी को दोबारा जिंदा कर सकता है।
ट्रंप के इस U-turn पर अमेरिका में ही विरोध भी हुआ है। 20 lawmakers के एक bipartisan group ने ट्रंप से कानून का पालन करने की अपील की थी। Democrats ने इसे Moscow के सामने झुकना बताया है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने रूस के साथ diesel deal की घोषणा की थी, जिसके तहत रूस अमेरिका और global market को 3 लाख टन से ज्यादा diesel देगा।
