अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कहा है कि ईरान को किसी भी तरह की मदद देना “पूरी तरह अस्वीकार्य” है। यह बातचीत व्हाइट हाउस में दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान हुई। अमेरिका के राजदूत डेविड पर्ड्यू ने शुक्रवार को CNBC को यह जानकारी दी।
पर्ड्यू के मुताबिक ट्रंप ने शी से साफ कहा कि ईरान को प्रत्यक्ष या परोक्ष किसी भी तरह की मदद — चाहे वह खुफिया जानकारी हो, कलपुर्जे हों या सैन्य उपकरण — बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ट्रंप ने खुद भी स्वीकार किया कि दोनों नेताओं के बीच ईरान पर चर्चा हुई थी।
चीन ने दिया मदद न करने का आश्वासन
अमेरिकी राजदूत का दावा है कि बीजिंग ने भरोसा दिलाया है कि वह ईरान की मदद नहीं कर रहा है। पर्ड्यू ने कहा कि वाशिंगटन ने इस दिशा में “सकारात्मक बदलाव” भी देखे हैं। हालांकि, चीन ईरान के तेल निर्यात का करीब 90 प्रतिशत खरीदता है, इसलिए अमेरिका की नजर इस व्यापार पर टिकी हुई है।
व्हाइट हाउस की यह मुलाकात व्यापार मोर्चे पर नरमी के बीच हुई है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव कम करने का समझौता नए साल तक बढ़ा दिया गया है। ईरान का मुद्दा इस शिखर वार्ता का सबसे तीखा मुद्दा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान को लेकर अमेरिका का सख्त रुख पश्चिम एशिया में जारी तनाव से जुड़ा है। व्हाइट हाउस में हाल के दिनों में कई अहम मुलाकातें हुई हैं, जिनमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से बातचीत भी शामिल है। अमेरिका का कहना है कि वह इस मामले में चीन के कदमों पर करीबी नजर रखेगा।

