UN Staffer की हूती हिरासत में मौत हो गई है। मोहम्मद अल-शमी यमन में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय में काम करते थे। वह जून 2024 से हूती हिरासत में थे। उनकी मौत एक महीने से ज्यादा पहले हुई थी। हालांकि परिवार को इसकी जानकारी हाल ही में दी गई।
UN Staffer की हूती हिरासत में मौत: UN ने क्या कहा
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने मौत को बेहद दुखद बताया है। उन्होंने हूती अधिकारियों से पूरी पारदर्शिता की मांग की है। तुर्क ने मौत की तत्काल, स्वतंत्र और गहन जांच की मांग की है। उन्होंने मेडिकल और हिरासत के रिकॉर्ड सौंपने को कहा है। सबूत सुरक्षित रखने और मौत के कारण की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने भी मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि वह इस खबर से स्तब्ध हैं। गुटेरेस ने हूती अधिकारियों से मौत के हालात पर तत्काल जवाब मांगा है। उन्होंने हिरासत में बंद सभी लोगों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग दोहराई है।
दो साल से हिरासत में थे अल-शमी
अल-शमी को 6 जून 2024 को हिरासत में लिया गया था। उस समय 60 से ज्यादा संयुक्त राष्ट्र और गैर सरकारी संगठन के कर्मियों को पकड़ा गया था। हूती अधिकारियों ने उन पर अमेरिका-इजरायल जासूसी नेटवर्क का आरोप लगाया था। अल-शमी उन 13 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों में थे जिन्हें जून 2024 की छापेमारी में पकड़ा गया था।
यह हूती हिरासत में किसी संयुक्त राष्ट्र कर्मी की दूसरी मौत है। इससे पहले फरवरी 2025 में विश्व खाद्य कार्यक्रम के एक कर्मी की हिरासत में मौत हुई थी। अक्टूबर के मध्य तक 71 संयुक्त राष्ट्र कर्मी हूती हिरासत में थे। उनमें मानवाधिकार कार्यालय के सात साथी भी शामिल हैं। परिवारों को उनसे संपर्क की अनुमति नहीं है।
यमन के प्रधानमंत्री ने हूती अधिकारियों को मौत के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एरियानी ने जांच और शव परिवार को सौंपने की मांग की है। उन्होंने सभी बंदियों की रिहाई की भी मांग की है। हूती अधिकारियों ने मौत पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
