संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पश्चिमी सहारा मिशन (UN Western Sahara MINURSO) का जनादेश बढ़ाने में नाकाम रही है। शुक्रवार को अमेरिका और रूस ने एक-दूसरे के प्रस्तावों को वीटो कर दिया। इसके बाद मिशन का जनादेश आज 31 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। यह मिशन दशकों से हर साल बढ़ाया जाता रहा था।
UN Western Sahara MINURSO पर दो प्रस्ताव क्यों गिरे
अमेरिका ने प्रस्ताव दिया था कि मिशन को एक साल और बढ़ाया जाए। इसमें मोरक्को की स्वायत्तता योजना को बातचीत का एकमात्र आधार बनाया जाना था। प्रस्ताव में मिशन का नाम बदलकर MINUSO करने की बात भी थी। इसके अलावा सैन्य टुकड़ी को छोटा करने का सुझाव था। परिषद में इस प्रस्ताव के पक्ष में 11 वोट पड़े। रूस ने वीटो कर दिया। चीन, पाकिस्तान और सोमालिया ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। इसके बाद रूस ने अपना प्रस्ताव रखा। इसमें बिना किसी बदलाव के जनादेश एक साल बढ़ाने की बात थी। अमेरिका ने इसे वीटो कर दिया। इस प्रस्ताव के पक्ष में सिर्फ तीन वोट पड़े। ग्यारह सदस्यों ने मतदान से दूरी बनाई।
MINURSO क्या है और इसका भविष्य क्या होगा
MINURSO का पूरा नाम पश्चिमी सहारा में जनमत संग्रह के लिए संयुक्त राष्ट्र मिशन है। यह मिशन 1991 के युद्धविराम के बाद से काम कर रहा है। इसका काम सैन्य स्थिति पर नजर रखना है। मिशन में 155 सैन्यकर्मी हैं। इस वित्त वर्ष में इसका बजट 6.2 करोड़ डॉलर है। पिछली बार इसका जनादेश प्रस्ताव 2797 से बढ़ाया गया था। वह अक्टूबर 2025 में पारित हुआ था।
अमेरिका के राजदूत माइकल वॉल्ट्ज ने कहा कि जनमत संग्रह कभी हो ही नहीं पाया। इसका कारण मतदाता पात्रता पर पुराना विवाद है। रूस के राजदूत वेसिली नेबेंज्या ने कहा कि समाधान दोनों पक्षों को मंजूर होना चाहिए। एकतरफा समाधान से गतिरोध बढ़ेगा। पश्चिमी सहारा का ज्यादातर हिस्सा मोरक्को के नियंत्रण में है। अल्जीरिया समर्थित पोलिसारियो फ्रंट इस पर दावा करता है। यह विवाद करीब पचास साल पुराना है। परिषद अब भी समय-सीमा के बाद नया प्रस्ताव ला सकती है। Israel चुनाव परिणाम United Nations
