इंदौर में शुक्रवार को BJP रैली में कार्यकर्ता और मंत्री के बीच तीखी बहस हो गई (Vijayvargiya Bulb Phenyl Controversy)। सामाजिक कार्यकर्ता प्रह्लाद पांडे अपनी पत्नी के साथ रैली स्थल पर पहुंचे थे। उनके हाथ में एक पोस्टर था। पोस्टर पर लिखा था कि एक बल्ब 30,000 रुपये का और एक लीटर फिनायल 33,000 रुपये का खरीदा गया है। उनकी पत्नी के हाथ में फिनायल की बोतल भी थी।
Vijayvargiya Bulb Phenyl Controversy में मंत्री ने क्या कहा
मंच पर मौजूद शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह देखकर अपना भाषण रोक दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि पांडे को वहां से हटा दिया जाए। वीडियो में मंत्री पांडे को ‘न्यूसेंस’ कहते सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां जवाब देना होगा, वहां दिया जाएगा। उन्होंने पांडे से जगह छोड़ने को भी कहा। मंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे लोग ‘अराजक तत्वों’ से जुड़े हैं। इसके बाद पुलिस ने पांडे और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया। पांडे बार-बार पुलिस से पूछते रहे कि उनका अपराध क्या है।
खरीद में गड़बड़ी के आरोप क्या हैं
पांडे का कहना है कि वह सिर्फ सवाल उठा रहे थे। उनका आरोप है कि प्रदेश की नगर निकायों में खरीद में भारी गड़बड़ी हुई है। हाल में विभाग की एक प्रस्तुति में भी इस ओर इशारा किया गया था। प्रस्तुति में एलईडी बल्ब, फिनायल और दूसरे सामान की ऊंची कीमतों का जिक्र था। अधिकारियों के अनुसार 392 नगर कर्मियों पर जांच या छानबीन चल रही है। इनमें 135 मुख्य नगर पालिका अधिकारी भी शामिल हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
जुलाई में भी हुआ था ऐसा ही विरोध
यह पहली बार नहीं है जब पांडे दंपति ने विजयवर्गीय के सामने विरोध जताया है। जुलाई में भी दोनों को हिरासत में लिया गया था। तब उन्होंने मंत्री के नंदा नगर स्थित आवास के पास संविधान की प्रति लेकर धरना दिया था। बाद में विजयवर्गीय ने पत्र लिखकर उनकी रिहाई का अनुरोध किया था। शुक्रवार की रैली सुभाष नगर से पटनीपुरा तक निकाली गई थी। इसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव भी शामिल हुए थे। अब देखना है कि खरीद के आरोपों पर विभाग क्या कदम उठाता है। Indore BJP March: लोकतंत्र बचाओ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब The Print (PTI)
